
Dangers of dirty kitchen sponges|फोटो सोर्स –Freepik
Harmful Bacteria In Kitchen Sponges: किचन की सफाई के लिए जिस स्पंज पर आप सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, वही आपकी सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। देखने में साफ-सुथरा लगने वाला किचन स्पंज असल में लाखों हानिकारक बैक्टीरिया का घर होता है कई रिसर्च के मुताबिक इसमें मौजूद जर्म्स की संख्या टॉयलेट सीट से भी ज्यादा हो सकती है। गीला रहना, खाने के कण और गर्म माहौल बैक्टीरिया को तेजी से पनपने का मौका देते हैं। ऐसे में जरा-सी लापरवाही फूड पॉइजनिंग और इंफेक्शन का कारण बन सकती है। इसलिए समय रहते सतर्क होना बेहद जरूरी है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले किचन स्पंज में Enterobacter, Klebsiella, Citrobacter जैसे बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके अलावा कुछ स्पंज में Cronobacter sakazakii और एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट बैक्टीरिया भी मिले हैं। चूंकि स्पंज लगातार गीला रहता है और उसमें खाने के कण फंसे रहते हैं, इसलिए बैक्टीरिया को बढ़ने और लंबे समय तक जीवित रहने का पूरा मौका मिल जाता है। यही वजह है कि ये बैक्टीरिया आसानी से एक बर्तन से दूसरे बर्तन तक पहुंच जाते हैं।
स्पंज की बनावट ही ऐसी होती है कि वह बैक्टीरिया के लिए आदर्श जगह बन जाता है। इसके छोटे-छोटे छेदों में खाना फंस जाता है और नमी बनी रहती है। बर्तन धोने का गर्म पानी, सिंक की नमी और बचा हुआ खाना बैक्टीरिया की संख्या को तेजी से बढ़ा देता है। ये कीटाणु सिर्फ स्पंज तक सीमित नहीं रहते, बल्कि हाथों, प्लेटों और चम्मचों पर फैलकर खाने के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
गंदे किचन स्पंज के बार-बार इस्तेमाल से फूड पॉइजनिंग और स्टमक फ्लू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी शामिल है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी गंभीर हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमण बढ़कर डिहाइड्रेशन, किडनी की परेशानी या खून में इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है।
अगर हल्का संक्रमण बार-बार होता रहे, तो यह धीरे-धीरे पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पाचन से जुड़ी समस्याएं, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इम्यून सिस्टम कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग इसकी वजह समझ ही नहीं पाते और समस्या लंबे समय तक बनी रहती है।
बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि स्पंज को साफ और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जाए। स्पंज को हर हफ्ते या ज्यादा इस्तेमाल होने पर जल्दी बदल देना चाहिए। रोज इस्तेमाल के बाद गीले स्पंज को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव में रखना या डिशवॉशर के सैनिटाइज मोड में धोना फायदेमंद होता है। कच्चे मांस की सफाई के लिए स्पंज की जगह सिलिकॉन स्क्रबर या पेपर टॉवल का इस्तेमाल करें। सब्जियों और मांस के लिए अलग-अलग स्पंज रखें और हर बार इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह सुखाना न भूलें।
Updated on:
29 Jan 2026 04:07 pm
Published on:
29 Jan 2026 03:45 pm
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