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Chocolate Town of India: जानिए किस शहर को कहा जाता है भारत का चॉकलेट टाउन

Chocolate Town of India: भारत में चॉकलेट का नाम आते ही सिर्फ बड़े ब्रांड ही नहीं, बल्कि ठंडी वादियों में बनने वाली होममेड चॉकलेट्स भी लोगों के जहन में आती हैं। एक ऐसा शहर है, जहां मौसम की ठंडक, छोटे कैफे और हाथ से बनी चॉकलेट्स ने मिलकर उसे खास पहचान दिलाई है।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 08, 2026

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India’s Chocolate Capital|फोटो सोर्स – Freepik

Chocolate Town of India: भारत में चॉकलेट का जिक्र होते ही अब सिर्फ बड़े ब्रांड नहीं, बल्कि ठंडी वादियों में बनने वाली होममेड चॉकलेट्स भी लोगों के जहन में आती हैं। तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में बसा ऊटी ऐसा ही एक खास शहर है, जहां मौसम की ठंडक, धुंध भरी सुबहें और छोटे-छोटे कैफे मिलकर एक अलग ही माहौल बनाते हैं। औपनिवेशिक दौर की इमारतों और सुकूनभरी लाइफस्टाइल के बीच यहां हाथ से बनी चॉकलेट्स ने ऊटी को नई पहचान दी है।

ऊटी और चॉकलेट का खास रिश्ता

ऊटी में चॉकलेट बनाने की परंपरा किसी बड़े ब्रांड या सरकारी अभियान से नहीं, बल्कि स्थानीय परिवारों की मेहनत से शुरू हुई। यहां का ठंडा मौसम सालभर चॉकलेट बनाने के लिए अनुकूल रहता है। गर्म इलाकों की तरह यहां चॉकलेट के पिघलने की समस्या नहीं होती, जिससे छोटे स्तर पर बिना आधुनिक मशीनों के भी उम्दा चॉकलेट तैयार की जा सकती है। कई परिवारों ने अपने घरों की रसोई को ही छोटी-छोटी चॉकलेट वर्कशॉप में बदल दिया।

पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी

ऊटी की चॉकलेट्स की खास बात उनका पारंपरिक स्वाद है। यहां की दुकानों में मिलने वाली चॉकलेट्स किसी फैक्ट्री में नहीं, बल्कि हाथों से बनाई जाती हैं। नट्स, ड्राई फ्रूट्स, डार्क कोको, रम फ्लेवर और फलों के मिश्रण वाली चॉकलेट्स यहां खूब पसंद की जाती हैं। कई दुकानदार बताते हैं कि उनके नुस्खे पीढ़ियों से चले आ रहे हैं, जिन्हें समय के साथ और बेहतर बनाया गया।

पर्यटकों की पसंदीदा सौगात

जैसे-जैसे ऊटी में पर्यटन बढ़ा, वैसे-वैसे यहां की चॉकलेट्स भी मशहूर होती गईं। पहले लोग इन्हें यादगार के तौर पर घर ले जाते थे, फिर यही आदत एक परंपरा बन गई। आज शायद ही कोई पर्यटक हो जो ऊटी से लौटते वक्त चॉकलेट का डिब्बा साथ न ले जाए। स्थानीय बाजारों में छोटी-छोटी चॉकलेट शॉप्स इस शहर की पहचान बन चुकी हैं।

बिना शोर के बनी खास पहचान

ऊटी का चॉकलेट टाउन बनना किसी प्रचार रणनीति का नतीजा नहीं, बल्कि समय, मौसम और लोगों की मेहनत का परिणाम है। यहां की चॉकलेट्स में दिखावा नहीं, बल्कि सादगी और स्वाद की सच्चाई है। यही वजह है कि ऊटी आज भी चुपचाप, बिना शोर मचाए, भारत के चॉकलेट प्रेमियों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।