
सर्राफा बाजार में तेजी: सोना 1.65 लाख के करीब, चांदी भी उछली (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Gold Rate Today: शहर के सर्राफा बाजार में एक बार फिर मजबूती का रुख देखने को मिल रहा है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जिससे व्यापारियों, निवेशकों और खुदरा ग्राहकों के बीच खरीदारी को लेकर उत्साह और हलचल बढ़ गई है। स्थानीय सराफा एसोसिएशन द्वारा जारी ताज़ा दरों के अनुसार कीमती धातुओं के भाव उच्च स्तर पर बने हुए हैं।
(जीएसटी, मेकिंग चार्ज एवं हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त)
| शुद्धता | दर (रु.) |
| 24 कैरेट | ₹1,58,000 |
| 22 कैरेट (92%) | ₹1,45,400 |
| 18 कैरेट (76%) | ₹1,20,000 |
सर्राफा एसोसिएशन के प्रतिनिधि विनोद माहेश्वरी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण सोने की कीमतें ऊँचाई पर बनी हुई हैं। त्योहारों, शादियों और निवेश के बढ़ते रुझान ने भी बाजार को सहारा दिया है।
चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में उपयोग और निवेशकों की रुचि के कारण इसकी कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा ग्राहकों के लिए सोना अब प्रीमियम श्रेणी की खरीदारी बनता जा रहा है। शादी-ब्याह के मौसम में पारंपरिक मांग तो बनी रहती है, लेकिन ऊँचे दामों के कारण ग्राहक हल्के वजन के आभूषण या 18 कैरेट ज्वेलरी की ओर रुख कर रहे हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, ग्राहक डिज़ाइन और स्टाइल पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। भारी गहनों की जगह हल्के व मॉडर्न डिजाइन की मांग बढ़ी। निवेश के लिए लोग छोटे सिक्के और बार खरीद रहे हैं
बाजार जानकारों का मानना है कि सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है। वैश्विक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति और मुद्रा बाजार की अस्थिरता के दौर में सोना “सेफ हेवन” की भूमिका निभाता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि एकमुश्त बड़ी खरीदारी के बजाय किस्तों में निवेश बेहतर। केवल कीमत देखकर नहीं, शुद्धता और हॉलमार्क अवश्य जांचें। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
सर्राफा एसोसिएशन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे केवल हॉलमार्क युक्त आभूषण ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी है। इसके साथ ही जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से लागू होते हैं, जिन्हें बिल में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए।
स्थानीय सर्राफा व्यापारियों के अनुसार बाजार में पूछताछ और खरीदारी दोनों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि ऊँचे दामों के कारण कुछ ग्राहक इंतजार की नीति भी अपना रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि “दाम ऊँचे जरूर हैं, लेकिन मांग बनी हुई है। निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सोने-चांदी के भाव पर असर डालती रहेंगी। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमतों में और तेजी संभव है।
Published on:
04 Feb 2026 02:33 pm
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