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LDA Mega Project: लखनऊ में सत्ता का नया केंद्र! सहारा शहर की जमीन पर बन सकता है यूपी का आधुनिक विधानसभा भवन

Lucknow Development Authority: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर उत्तर प्रदेश के नए विधानसभा भवन के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कंसल्टेंट नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 245 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह परियोजना राजधानी के प्रशासनिक और शहरी विकास की दिशा बदल सकती है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 11, 2026

सहारा शहर की जमीन पर बनेगा नया विधान भवन, लखनऊ में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

सहारा शहर की जमीन पर बनेगा नया विधान भवन, लखनऊ में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

New UP Assembly Building Likely in Lucknow Sahara City: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित चर्चित सहारा शहर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह है,उत्तर प्रदेश के संभावित नए विधानसभा भवन की तैयारी। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इस दिशा में कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगभग 245 एकड़ भूमि पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अंतिम घोषणा शेष है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।

क्यों उठी नए विधान भवन की जरूरत

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है और यहां की विधानसभा देश की सबसे बड़ी विधानसभाओं में गिनी जाती है। वर्तमान विधानसभा भवन ऐतिहासिक और भव्य जरूर है, लेकिन बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों, विधायकों की संख्या, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को देखते हुए नए परिसर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

सरकारी स्तर पर पिछले कुछ वर्षों से लगभग 200 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही थी, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विधानसभा परिसर विकसित किया जा सके। अब यह तलाश सहारा शहर की जमीन मिलने के बाद पूरी होती दिख रही है।

सहारा शहर: ऐशो-आराम से प्रशासनिक केंद्र तक का सफर

गोमतीनगर का सहारा शहर कभी सहारा इंडिया परिवार के प्रमुख सुब्रत राय का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता था। यहां आलीशान इमारतें, विशाल ग्रीन एरिया, कृत्रिम झील, हेलीपैड, अतिथि गृह, ‘व्हाइट हाउस’ नामक भव्य आवास, ‘जल महल’ और मनोरंजन सुविधाएं मौजूद थीं। देश-दुनिया की नामचीन हस्तियां यहां आती-जाती थीं। लेकिन कंपनी की आर्थिक मुश्किलों के बाद हालात बदले। नगर निगम और एलडीए ने अपनी-अपनी लीज़ की जमीन वापस कब्जे में ले ली।

नगर निगम ने लगभग 170 एकड़

  • LDA  ने करीब 75 एकड़ जमीन अपने नियंत्रण में ली
  • अब यही कुल 245 एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित विधानसभा परियोजना का आधार बन सकता है।

एलडीए की सक्रियता बढ़ी

सूत्रों के मुताबिक, सहारा शहर की जमीन की पैमाइश पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उच्च स्तर पर इस भूमि के उपयोग को लेकर सहमति बनने की बात कही जा रही है। एलडीए ने परियोजना की व्यवहार्यता, मास्टर प्लान और डिजाइन तैयार करने के लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह संकेत है कि मामला सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।

कैसा होगा नया विधानसभा परिसर

यद्यपि आधिकारिक डिजाइन सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि नया विधान भवन परिसर आधुनिक संसदीय परिसरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें शामिल हो सकते हैं.

  • अत्याधुनिक विधानसभा कक्ष
  • डिजिटल वोटिंग और स्मार्ट डिस्प्ले सिस्टम
  • विधायकों के लिए कार्यालय
  • मीडिया सेंटर
  • उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
  • पार्किंग और यातायात प्रबंधन
  • हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय संतुलन
  • इस परियोजना को “भविष्य उन्मुख प्रशासनिक अवसंरचना” के रूप में देखा जा रहा है।

शहर के विकास पर प्रभाव

गोमतीनगर पहले से ही लखनऊ का उभरता प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र है। यदि यहां विधानसभा भवन बनता है, तो आसपास के क्षेत्र में.

  • सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होगी
  • होटल, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा
  • जमीन के दामों में वृद्धि संभावित
  • रोजगार के नए अवसर

राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व

सहारा शहर, जो कभी निजी वैभव का प्रतीक था, अब लोकतांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में बदल सकता है। यह परिवर्तन प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं, प्रतीकात्मक रूप से भी अहम माना जा रहा है,जहां निजी साम्राज्य की पहचान थी, वहीं अब जनप्रतिनिधियों का विधान चल सकता है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि तैयारियां शुरू होने की खबरें हैं, परंतु शासन स्तर से अंतिम स्वीकृति और औपचारिक घोषणा का इंतजार है। भूमि हस्तांतरण, बजट स्वीकृति, डिजाइन अनुमोदन जैसी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।