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Lucknow Airport: टेकऑफ से पहले एयर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी गड़बड़ी, लखनऊ एयरपोर्ट पर रुकी उड़ान, जांच बाद दुबई रवाना

Air India Flight Delay: लखनऊ से दुबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट उड़ान से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई, जिससे 172 यात्रियों को सवा दो घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। पायलट की सतर्कता से विमान को रोका गया और जांच के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित रवाना किया गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 09, 2026

पायलट की सतर्कता से टला संभावित खतरा, सवा दो घंटे की देरी के बाद रवाना हुए 172 यात्री (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

पायलट की सतर्कता से टला संभावित खतरा, सवा दो घंटे की देरी के बाद रवाना हुए 172 यात्री (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Technical Glitch Delays Lucknow-Dubai Flight: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई के लिए उड़ान भरने जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के कारण सोमवार शाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय से किसी बड़े खतरे को टाल दिया गया। तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार के बाद विमान को सवा दो घंटे से अधिक की देरी से रवाना किया गया। विमान में कुल 172 यात्री सवार थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित रूप से दुबई के लिए रवाना कर दिया गया।

क्या था मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान संख्या IX-197 को शाम 5:45 बजे लखनऊ से दुबई के लिए उड़ान भरनी थी। निर्धारित समय के अनुसार बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और सभी यात्री अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। विमान टेकऑफ की तैयारी में था, तभी कॉकपिट में मौजूद पायलट को तकनीकी सिस्टम में असामान्य संकेत दिखाई दिए। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को रनवे की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया।

सतर्कता से टला संभावित खतरा

एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान से पहले किसी भी तकनीकी असामान्यता को हल्के में नहीं लिया जाता। पायलट द्वारा समय रहते समस्या को पहचानना और तुरंत ATC को सूचना देना एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि माना जाता है। एहतियातन विमान को पार्किंग बे पर वापस लाया गया, जहां इंजीनियरिंग टीम ने विस्तृत तकनीकी जांच शुरू की। यात्रियों को इस दौरान विमान के भीतर ही बैठाए रखा गया, जिससे उन्हें लंबा इंतज़ार करना पड़ा।

तकनीकी जांच में क्या हुआ

एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, विमान के एक तकनीकी सिस्टम में गड़बड़ी के संकेत मिले थे। हालांकि यह समस्या गंभीर नहीं थी, फिर भी सुरक्षा मानकों के तहत पूरी जांच अनिवार्य होती है। इंजीनियरों ने सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत और परीक्षण किए। करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली इस प्रक्रिया के बाद विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित किया गया।

यात्रियों को हुई असुविधा

तकनीकी कारणों से हुई देरी के चलते यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्री दुबई में कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले थे, जबकि कुछ व्यावसायिक कार्यों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए यात्रा कर रहे थे। हालांकि एयरलाइन स्टाफ ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी समय-समय पर दी और उन्हें आश्वस्त किया कि उड़ान तभी रवाना होगी जब पूरी तरह सुरक्षित होगी। एक यात्री ने बताया कि "शुरुआत में चिंता हुई, लेकिन जब पता चला कि यह सुरक्षा के लिए किया जा रहा है तो राहत मिली। देरी से ज्यादा जान की सुरक्षा जरूरी है।"

पायलट और क्रू की सराहना

इस घटना में पायलट और क्रू की भूमिका अहम रही। विमानन नियमों के अनुसार, टेकऑफ से पहले यदि जरा-सी भी तकनीकी शंका हो, तो उड़ान रोकना अनिवार्य होता है। पायलट द्वारा दिखाई गई सतर्कता ने यह साबित किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया।

सुरक्षित रवाना हुई उड़ान

सभी परीक्षण पूरे होने और तकनीकी टीम से मंजूरी मिलने के बाद विमान को दोबारा टेकऑफ की अनुमति दी गई। करीब सवा दो घंटे की देरी के बाद फ्लाइट दुबई के लिए रवाना हुई। एयरलाइन अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी 172 यात्री सुरक्षित थे और उड़ान सामान्य रही।

एयरपोर्ट प्रबंधन की प्रतिक्रिया

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि यह एक नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में तय मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है।

हवाई यात्रा में सुरक्षा क्यों सर्वोपरि

विमानन क्षेत्र में छोटी-सी तकनीकी त्रुटि भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए टेकऑफ से पहले कई स्तर की जांच,पायलट की सतर्क निगरानी,इंजीनियरिंग टीम की त्वरित प्रतिक्रिया,ATC के साथ समन्वय इन सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल प्रभावी रूप से काम कर रहे हैं।

लखनऊ एयरपोर्ट पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

लखनऊ से दुबई रूट यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। बड़ी संख्या में लोग व्यापार, पर्यटन और नौकरी के सिलसिले में इस रूट से यात्रा करते हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी देरी का असर यात्रियों की योजनाओं पर पड़ता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से यह आवश्यक कदम माना जाता है।