
लखनऊ में तीन तलाक का मामला दर्ज, मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी से जुड़ा प्रकरण चर्चा में (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Triple Talaq Case Filed Involving Munawwar Rana Daughter: राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा को जन्म दे दिया है। देश के मशहूर शायर रहे मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा से जुड़ा तीन तलाक का मामला सामने आया है। इस संबंध में सआदतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें तत्काल तीन तलाक देना दंडनीय अपराध माना गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
साल 2019 में केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम लागू किया था। इस कानून के तहत एक साथ “तलाक-ए-बिद्दत” यानी तत्काल तीन तलाक देना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पीड़ित महिला को भरण-पोषण और बच्चों की देखभाल के अधिकार भी सुनिश्चित किए गए हैं। इसी कानून के तहत इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
सआदतगंज थाना पुलिस ने पुष्टि की है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन चूंकि इसमें तीन तलाक का आरोप है, इसलिए यह सीधे तौर पर कानूनी दायरे में आता है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक पहलुओं के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन अत्यंत आवश्यक है। कानूनी जानकारों के अनुसार, तीन तलाक का आरोप सिद्ध होने पर यह आपराधिक मामला बनता है और इसमें समझौते की गुंजाइश सीमित रहती है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही होता है।
मशहूर शायर मुनव्वर राणा का नाम देशभर में साहित्य और शायरी के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में उनके परिवार से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद सामाजिक और मीडिया स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मामले को संवेदनशीलता के साथ और पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटाया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और तीन तलाक कानून की प्रासंगिकता पर चर्चा को सामने लाता है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य महिलाओं को अचानक वैवाहिक असुरक्षा से बचाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी जागरूकता और सामाजिक समझ दोनों जरूरी हैं, ताकि विवादों का समाधान कानून के अनुरूप और न्यायपूर्ण तरीके से हो सके।
Published on:
04 Feb 2026 12:24 am
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