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किसान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा… यूपी बजट 2026 से पहले अखिलेश यादव का BJP पर जोरदार वार

UP Budget 2026: यूपी बजट 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है। जहां सरकार नई योजनाओं और विकास पर जोर दे सकती है, वहीं विपक्ष लगातार हमलावर है।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Feb 11, 2026

akhilesh yadav on bjp said to save democracy necessary to remove this government from power

अखिलेश यादव ने साधा बीजेपी पर निशाना। फोटो सोर्स-IANS

UP Budget 2026: आज 11 फरवरी 2026 को योगी सरकार उत्तर प्रदेश का बजट विधानसभा में पेश कर रही है। यह बजट 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का आखिरी बड़ा बजट है। इसलिए इसे बहुत खास माना जा रहा है। अनुमान है कि बजट का आकार 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर अनुमान है कि यूपी बजट 2026 बहुत खास होने वाला है।

युवा, महिला और किसानों पर फोकस

माना जा रहा है कि योगी सरकार इस बजट में आम लोगों के लिए कई नई योजनाएं ला सकती है। खासकर युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए बड़ी सौगातें हो सकती हैं। इसमें कल्याणकारी योजनाएं, पेंशन बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर जोर दिया जा सकता है।

विपक्ष का विरोध और अखिलेश के हमले

बजट सत्र से पहले सपा और अन्य विपक्षी दल भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर विरोध कर रहे हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्विटर पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने किसानों के मुद्दे, पिछले बजट की सच्चाई और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

अखिलेश यादव ने क्या लिखा?

अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा कि जब सब कुछ विदेश से आयेगा: - तो किसान क्या उगाएगा?

  • क्या बेच पाएगा?
  • क्या कमाएगा?
  • कैसे अपना घर बनाएगा-चलाएगा?
  • कैसे बच्चों को पढ़ाएगा?
  • कैसे घर के बुजुर्गों का इलाज करवाएगा?
  • कैसे बेटियों को हँसी-ख़ुशी विदा कर पाएगा?
  • कैसे अपने भविष्य के लिए दो पैसे जमा कर पाएगा?
  • मतलब आज क्या खाएगा, कल के लिए क्या बचा पाएगा?

अखिलेश ने कहा कि किसानों को नुक़सान पहुँचाकर, हमारे देश में कोई भी सरकार चल नहीं सकती है। किसान और किसानी विरोधी भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि विदेशियों के सामने अपने हितों का समर्पण करने की मजबूरी क्या है। भाजपा कभी भूमि अधिग्रहण लाकर खेती-किसानी को हड़पने का षड्यंत्र करती है, कभी काले-क़ानूनों से किसानों को मौत के मुँह में ढकेल देती है। भाजपाई सोच बिचौलियों वाली है, वो पैदावार-उत्पादन की जगह बीच में कमीशनख़ोरी से सिर्फ़ अपना पेट भरना जानती है। ‘खेती-किसानी’ के बीच ही नहीं, ‘किसानों’ के बीच भी बैठे भाजपाई बिचौलियों का भंडाफोड़ होना चाहिए। आगे अखिलेश ने लिखा कि किसान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! भाजपा जाए तो खेतीबाड़ी बच पाए!