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UP Cabinet: यूपी में शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात, योगी कैबिनेट में बड़े फैसले, लाखों कर्मचारियों को राहत

UP Cabinet Yogi Government: उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में आज शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। करीब दस लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत मिलेगी, जबकि शहरी विकास, आपदा राहत, भवन निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jan 29, 2026

यूपी कैबिनेट आज दे सकती है बड़ा तोहफा: शिक्षकों को कैशलेस इलाज, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

यूपी कैबिनेट आज दे सकती है बड़ा तोहफा: शिक्षकों को कैशलेस इलाज, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Cabinet Set to Approve Cashless Healthcare for 1 Million Teachers: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। इसके साथ ही आवास, शहरी विकास, आपदा राहत, भवन निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिल सकती है। कुल मिलाकर करीब 29 प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल किया गया है।

शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ

प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर अब शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी में है। इस योजना के तहत करीब 8 से 10 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और मिड-डे मील रसोइयों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर, शिक्षक दिवस पर इस योजना की घोषणा की थी। अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना की तरह लागू की जाएगी, जहां लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना नगद भुगतान इलाज करा सकेंगे।

इस योजना से क्या होगा फायदा

  • गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा
  • निजी अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा
  • शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी
  • ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को विशेष राहत

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शिक्षकों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इलाज की प्रक्रिया संचालित होगी।

लखीमपुर खीरी हादसा पीड़ितों को आवास

कैबिनेट बैठक में लखीमपुर खीरी में नाव पलटने से प्रभावित परिवारों को आवास देने का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार आपदा प्रभावित ग्रामीणों को राहत पैकेज के तहत स्थायी आवास उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इससे आपदा प्रबंधन नीति को मजबूत करने का संदेश भी जाएगा।

शहरी विकास और आवास क्षेत्र में बड़े सुधार

बैठक में ‘उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास (विकास शुल्क) नियमावली, 2026’ और ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति, 2026’ को मंजूरी मिलने की संभावना है।

इन नीतियों के तहत

  • बाह्य विकास शुल्क (External Development Charges) प्रणाली में सुधार
  • नगर नियोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • शहरी बुनियादी ढांचे के लिए संसाधन सृजन
  • पुराने शहरी क्षेत्रों के पुनर्विकास को बढ़ावा
  • विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट और शहरी परियोजनाओं में गति आएगी।
  • स्टांप एवं पंजीकरण विभाग को 9.92 करोड़ की स्वीकृति

सरकार ने स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के भवन निर्माण कार्यों को तेज करने के लिए ₹9.92 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की है।

किन जिलों में निर्माण कार्य

उप निबंधक कार्यालय भवन:

  • पुरवा (उन्नाव)
  • चंदौली सदर

रिकॉर्ड रूम निर्माण:

  • सफीपुर, बांगरमऊ (उन्नाव)
  • रामसनेही घाट (बाराबंकी)
  • लंभुआ, जयसिंहपुर (सुलतानपुर)
  • कुंडा (प्रतापगढ़)
  • खुर्जा (बुलंदशहर)

सरकार का कहना है कि नए भवनों से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

 ईंधन अधिभार पर विवाद

दूसरी ओर, बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक चिंता की खबर भी है। पावर कॉर्पोरेशन ने फरवरी में 10% ईंधन अधिभार शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया है। कॉर्पोरेशन का तर्क है कि नवंबर 2025 में बिजली खरीद की दर ₹5.79 प्रति यूनिट रही, जबकि स्वीकृत दर ₹4.94 प्रति यूनिट थी। इस अंतर की भरपाई के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है। हालांकि, उपभोक्ता परिषद ने इसका विरोध किया है और नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है। परिषद का कहना है कि नवंबर में मांग सामान्य थी, फिर भी महंगी खरीद संदिग्ध है। उन्होंने इस खरीद की उच्चस्तरीय जांच और शुल्क पर रोक की मांग की है।