5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP Vidhan Sabha: लखनऊ में 86वां पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन, तैयारियों का विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लिया जायजा

Lucknow Legislative Conference: लखनऊ में 19 से 21 जनवरी तक आयोजित होने जा रहे 86वें संसदीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व संध्या पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विधानसभा और विधान परिषदों के लगभग 300 अध्यक्ष और सभापति शामिल होंगे।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 18, 2026

19 से 21 जनवरी तक लखनऊ में जुटेंगे देशभर के विधानसभा और विधान परिषदों के अध्यक्ष-सभापति (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

19 से 21 जनवरी तक लखनऊ में जुटेंगे देशभर के विधानसभा और विधान परिषदों के अध्यक्ष-सभापति (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Legislative Conference: देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और विधायी कार्य प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे 86वें संसदीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सम्मेलन की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यक्रम स्थल और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का अवलोकन किया। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन 19 जनवरी से 21 जनवरी तक राजधानी लखनऊ में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की विभिन्न विधानसभा और विधान परिषदों के अध्यक्ष, सभापति और पीठासीन अधिकारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

देशभर से 300 से अधिक पीठासीन अधिकारी होंगे शामिल

सम्मेलन में देश की विधानसभा और विधान परिषदों के करीब 300 पीठासीन अधिकारी, प्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि भाग लेंगे। यह सम्मेलन संसदीय परंपराओं, विधायी आचरण, सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि लखनऊ को इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षमता को इस सम्मेलन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन

सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के आयोजक यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति मानवेंद्र सिंह स्वागत भाषण देंगे। इसके अलावा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह भी सम्मेलन के एक महत्वपूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में संसदीय लोकतंत्र, सदन की मर्यादा और विधायी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष चर्चा की संभावना है।

पहले दिन मुख्यमंत्री देंगे रात्रिभोज

सम्मेलन के पहले दिन यानी 19 जनवरी की शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा राजधानी स्थित अपने सरकारी आवास कालिदास मार्ग पर रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। इस रात्रिभोज में विधानसभा और विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न दलीय नेताओं और चयनित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इस विशेष रात्रि भोज में आमंत्रित मेहमानों की संख्या लगभग 30 बताई जा रही है। यह आयोजन संसदीय शिष्टाचार और आपसी संवाद को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करेगा।

दूसरे दिन गहन वैचारिक विमर्श

सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में  सदन संचालन की चुनौतियां,संसदीय अनुशासन,विधायकों की भूमिका,लोकतंत्र में पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर गहन वैचारिक विमर्श किया जाएगा। इन सत्रों में देशभर से आए अनुभवी पीठासीन अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और भविष्य की दिशा पर विचार रखेंगे।

विधानसभा भवन पर लाइट एंड साउंड शो

सम्मेलन के पहले दिन की शाम को लखनऊ विधानसभा भवन की भीतियों और गुंबद पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से एक भव्य लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। इस प्रस्तुति में उत्तर प्रदेश के पश्चिम से लेकर पूर्व तक के प्रमुख जिलों, शहरों, ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को अत्यंत आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रस्तुति सम्मेलन में पधारे अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी और उन्हें प्रदेश की विविधता से रूबरू कराएगी।

राज्यपाल के संबोधन से होगा समापन

तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन सत्र उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संबोधन के साथ संपन्न होगा। अपने भाषण में राज्यपाल लोकतंत्र, संविधान की गरिमा और संसदीय परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालेंगी।

 तीसरे दिन अयोध्या दर्शन का कार्यक्रम

सम्मेलन के तीसरे दिन सभी आमंत्रित पीठासीन अधिकारी, विधायक और अन्य विशिष्ट अतिथि अयोध्या में श्री रामलला मंदिर के दर्शन करेंगे। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा अतिथियों के लिए विशेष अनुभव होगी।

तैयारियों का गहन निरीक्षण

यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सम्मेलन से जुड़ी ,सुरक्षा व्यवस्था,अतिथियों के आवास,यातायात,प्रोटोकॉल और तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेहमानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह सम्मेलन न केवल संसदीय अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।