
UGC News: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को नए यूजीसी कानून पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद इस विषय पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने इस मामले पर संतुलित बयान देते हुए कहा कि चूंकि यह विषय सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई भी टिप्पणी करना फिलहाल उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय जो भी फैसला सुनाएगा, राज्य सरकार उसका सम्मान करेगी और उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि नए यूजीसी कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों ने इस कानून के विरोध में आवाज उठाई है। स्वर्ण समाज के लोगों ने भी सड़कों पर उतरकर कानून को वापस लेने की मांग की थी, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने यह बयान मऊ जिले के नगर पालिका कम्यूनिटी हॉल परिसर में आयोजित पंडित अलगू राय शास्त्री की जयंती समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार माफिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही मंत्री ने मऊ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मऊ की सांस्कृतिक धरोहरें जिले की पहचान हैं और इन्हें बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए भी प्रयासरत है।
Published on:
29 Jan 2026 08:30 pm
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