13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक्शन में सुनेत्रा पवार, पहली DPDC बैठक में 1032 करोड़ के विकास कार्यों को दी हरी झंडी

अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जो शून्यता पैदा हुई थी, उसे भरने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बताया जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर सुनेत्रा पवार को आधिकारिक तौर पर एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा सकता है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Feb 13, 2026

Maharashtra Dycm Sunetra Pawar

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Photo: IANS)

महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को गुरुवार को विधानभवन में आयोजित जिला नियोजन समिति (DPDC) की बैठक में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री तथा पुणे जिले की पालक मंत्री सुनेत्रा पवार ने की। बैठक के दौरान पुणे जिला वार्षिक योजना 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 1,032.88 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा के प्रारूप को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। पवार ने जानकारी दी कि इस योजना में ग्रामीण विकास से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, हरित पहल और रोजगार सृजन तक व्यापक प्राथमिकताएं तय की गई हैं।

किन क्षेत्रों पर कितना खर्च?

पुणे जिले के लिए प्रस्तावित बजट में ग्रामीण विकास के लिए 135 करोड़ रुपये, परिवहन विकास के लिए 115 करोड़ रुपये और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 116.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर 110.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

इसके अलावा अपारंपरिक ऊर्जा और ऊर्जा विकास के लिए 80 करोड़ रुपये, पर्यटन विकास के लिए 56.86 करोड़ रुपये, हरित महाराष्ट्र पहल के लिए 40 करोड़ रुपये तथा महिला और बाल सशक्तिकरण के लिए 29.44 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को अधिक गतिशील बनाने के लिए 78.50 करोड़ रुपये, कौशल आधारित रोजगार सृजन के लिए 10.5 करोड़ रुपये और खेल व कला प्रतिभा विकास के लिए 10.1 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

700 करोड़ अतिरिक्त निधि की मांग

हालांकि सरकार ने 1032.88 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा तय की है, लेकिन विभिन्न विभागों से कुल 3128 करोड़ रुपये की मांग प्राप्त हुई है। इन मांगों की छानबीन के बाद लगभग 700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया जाएगा।

सुनेत्रा पवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छोटे-छोटे कामों के बजाय ऐसे बड़े और प्रभावी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए जिनसे अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ मिल सके। विशेष रूप से पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के विकास पर जोर देने की बात कही गई। सभी परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया और क्रियान्वयन की समयसीमा तय कर सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।

2025-26 के खर्च की समीक्षा

सुनेत्रा पवार ने बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत 1589.46 करोड़ रुपये के नियत व्यय की भी समीक्षा की। इसमें 1369 करोड़ रुपये सामान्य योजना, 145 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति उपयोजना और 65.46 करोड़ रुपये आदिवासी घटक कार्यक्रम के तहत शामिल हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निधि का समयबद्ध और नियोजित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने मौजूदा वर्ष के खर्च और आगामी वर्ष की योजना का ब्यौरा रखा। 2026-27 की रूपरेखा में कृषि विकास दर और प्रति व्यक्ति कृषि आय बढ़ाने के उद्देश्य से जलसंधारण, मृदसंधारण, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि से जुड़े पूरक क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।