
मायरे की फोटो: पत्रिका
Nagaur Wedding Viral Mayra: शादी-विवाह के अवसर पर बहन के घर मायरा भरना मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है। मायरा की रस्म के दौरान महिलाओं द्वारा गाया जाने वाला पारंपरिक गीत बीरा बणजै जायल रा जाट, बणजै खिंयाला रा चौधरी सदियों से भाई-बहन के स्नेह, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
मारवाड़ अंचल में वैसे तो सभी जाति में मायरा भरने की परंपरा प्रचलित है, लेकिन जाट और बिश्नोई समाज में बड़े मायरे भरे जाते है। वहीं जायल कस्बे में दो ब्राह्मण भाइयों ने मायरा की परंपरा को ऐतिहासिक ऊंचाई दी है।
व्यवसायी श्याम सुंदर व्यास के दोहिते निलेश की शादी के अवसर पर उनके मामा ललित व्यास एवं ओमप्रकाश व्यास ने अपनी बहन गायत्री रूंथला के पुत्र के विवाह में कुल 1 करोड़ 61 लाख रुपए का मायरा भरा है। मायरा में 81 लाख नकद, 25 तोला स्वर्ण आभूषण व चांदी के जेवर सहित पारंपरिक उपहार शामिल है। मायरे ने विवाह समारोह को यादगार बना दिया और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बन गया।
जायल में भरा गया मायरा एक मिसाल है, जहां रिश्तों की मजबूती, परंपराओं का सम्मान और सामाजिक मूल्यों को नए आयाम मिले हैं। यह आयोजन साबित करता है कि मायरा सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते की सबसे बड़ी दौलत है।
Updated on:
10 Feb 2026 01:20 pm
Published on:
10 Feb 2026 12:52 pm
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