6 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई दिल्ली, Sep 01, 2021

पीएम मोदी ने स्वामी प्रभुपाद जयंती पर जारी किया 125 रुपए का सिक्का

  श्री प्रभुपाद स्वामी एक अलौकिक कृष्णभक्त होने के साथ देशभक्त भी थे। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और असहयोग आंदोलन के समर्थन में स्कॉटिश कॉलेज से अपना डिप्लोमा लेने से इनकार कर दिया था।

PM narendra Modi

PM narendra Modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्‍वामी प्रभुपाद ( Swami Prabhupada ) की 125वीं जयंती के अवसर पर 125 रूपए का विशेष स्‍मारक सिक्‍का ( 125 rs coin in india ) जारी किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सब जानते हैं कि प्रभुपाद स्वामी एक अलौकिक कृष्णभक्त होने के साथ एक देशभक्त भी थे। उन्होंने देश के स्वतन्त्रता संग्राम में संघर्ष किया और असहयोग आंदोलन के समर्थन में स्कॉटिश कॉलेज से अपना डिप्लोमा लेने से इनकार कर दिया था।

पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सभी श्री प्रभुपाद जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं। यह अवसर ठीक वैसा ही है जैसे साधना का सुख और संतोष एक साथ मिल जाए। इस भाव को आज पूरी दुनिया में श्रील प्रभुपाद स्वामी के लाखों करोड़ों अनुयाई और लाखों करोड़ों कृष्ण भक्त अनुभव कर रहे हैं और फैला रहे हैं।

Read More: PM Modi ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाकर सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, बताया- एकता और अखंडता का अग्रदूत

भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाने में निभाई अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने कहा कि श्री प्रभुपाद जी के भक्त दुनियाभर में गुरुकुल भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन ने दुनिया को बताया है कि भारत के लिए आस्था का मतलब है उमंग, उत्साह, उल्लास और मानवता में विश्वास करना है।

Read More: फल बेचने वाली नाजमीन ने इतनी तेजी से किया पेमेंट कि प्रधानमंत्री भी बोल उठे— वाह...

कौन हैं स्वामी प्रभुपाद?

स्वामी प्रभुपाद जी का जन्म 1 सितंबर 1896 में कोलकाता हुआ था। उन्होंने भगवान कृष्ण के संदेश को संपूर्ण विश्व में पहुंचाने का काम किया। साथ ही इस्कॉन मंदिर की भी स्थापना की थी। इस्कॉन को हिंदी में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ कहा जाता है। स्वामीजी ने 100 से अधिक मंदिरों की भी स्थापना की और दुनिया को भक्ति योग का मार्ग दिखाने वाली कई किताबें लिखीं।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें