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भारत, Jun 06, 2026

‘हमारी मेहरबानी से चल रही है विजय की सरकार…’, एमके स्टालिन के बयान से गरमाई तमिलनाडु की राजनीति

Tamil Nadu Politics: DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री विजय की TVK सरकार उनकी पार्टी और सहयोगी दलों की मेहरबानी से चल रही है। जानिए स्टालिन ने कार्यकर्ताओं से क्या संकल्प लेने को कहा?

Tamil Nadu Politics

C Joseph Vijay and MK Stalin (Image: X/@mkstalin)

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है। स्टालिन ने कहा कि राज्य में मौजूदा सरकार केवल DMK और उसके सहयोगी दलों की 'मेहरबानी' से चल रही है।

उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे विजय सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लें। स्टालिन के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

AIADMK के 1000 से ज्यादा कार्यकर्ता DMK में शामिल

शनिवार को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में AIADMK के 1000 से अधिक कार्यकर्ता DMK में शामिल हुए। इस मौके पर स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए DMK के इतिहास और राजनीतिक संघर्षों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि DMK ने 1975 में आपातकाल का विरोध किया था, जबकि उसे पता था कि इससे उसकी सरकार पर संकट आ सकता है। 1976 में पार्टी की सरकार बर्खास्त कर दी गई थी और 1989 तक उसे सत्ता से बाहर रहना पड़ा। इसके बावजूद पार्टी ने संघर्ष जारी रखा और अंततः 2021 में फिर सत्ता में वापसी की।

हार-जीत राजनीति का हिस्सा है

स्टालिन ने कहा कि राजनीति में जीत और हार दोनों आती-जाती रहती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि एक सच्चा DMK कार्यकर्ता जीत मिलने पर अहंकार नहीं करता और हार मिलने पर निराश होकर घर नहीं बैठता, बल्कि लगातार जनता के बीच काम करता रहता है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और बड़ी संख्या में दूसरे दलों के नेता और कार्यकर्ता DMK से जुड़ रहे हैं।

विजय सरकार पर स्टालिन का बड़ा दावा

स्टालिन ने कहा कि DMK और उसके सहयोगी दल चुनाव में इस लक्ष्य के साथ उतरे थे कि सरकार DMK के नेतृत्व में बने। हालांकि चुनाव नतीजे अलग रहे, लेकिन बाद में गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों ने TVK सरकार को समर्थन दिया। उन्होंने दावा किया कि यही समर्थन आज विजय सरकार को सत्ता में बनाए हुए है।

स्टालिन ने कहा, "आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह नहीं भूलना चाहिए कि मौजूदा सरकार हमारी मेहरबानी से चल रही है। हमारे गठबंधन के सहयोगी दलों के समर्थन के बिना यह सरकार नहीं चल सकती थी।"

कार्यकर्ताओं से लिया संकल्प

DMK प्रमुख ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना चाहिए कि वे भविष्य में इस सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।

उन्होंने कहा, "आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हमारी मेहरबानी से चल रही इस सरकार पर पूर्ण विराम लगाएंगे।"

सहयोगी दलों को समर्थन की छूट क्यों दी?

स्टालिन ने कहा कि उनके गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों और अन्य सहयोगियों ने TVK को समर्थन देने से पहले उन्हें इसकी जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि उन्होंने सहयोगी दलों को समर्थन देने से नहीं रोका, क्योंकि वह उनका लोकतांत्रिक अधिकार था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन न लगे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य में सत्ता में आने का मौका न मिले।

कैसे बनी विजय सरकार?

23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीती थीं। सरकार बनाने के लिए बहुमत से वह 10 सीटें दूर थी।

इसके बाद DMK गठबंधन के कुछ दलों- CPI, CPI(M), VCK और IUML ने TVK को समर्थन दिया। इन दलों ने दो-दो सीटें जीती थीं। वहीं कांग्रेस ने DMK से अलग होकर विजय सरकार को समर्थन दिया था। कांग्रेस के खाते में पांच सीटें आई थीं। इन्हीं समर्थन पत्रों के आधार पर TVK सरकार ने बहुमत साबित किया और विजय मुख्यमंत्री बने।

तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ सकती है तकरार

स्टालिन के इस बयान को आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद विपक्ष की भूमिका निभा रही DMK अब लगातार सरकार पर हमलावर है। वहीं TVK की ओर से अभी तक स्टालिन के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हालांकि इतना तय है कि स्टालिन के इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले समय में DMK और TVK के बीच सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

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