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बिरला की नई पहल: लोकसभा में प्रश्नकाल के सभी 20 सवालों के मौखिक उत्तर दिलाने का प्रयास

-पहले दिन मंत्रियों ने दिए 17 सवालों के मौखिक जवाब नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी 20 तारांकित सवालों के मौखिक जवाब दिलवाने की नई परपंरा शुरू करने का प्रयास किया। इस पहल का सकारात्मक असर पहले ही दिन देखने को मिला, जबकि प्रश्नकाल के निर्धारित एक […]

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-पहले दिन मंत्रियों ने दिए 17 सवालों के मौखिक जवाब

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी 20 तारांकित सवालों के मौखिक जवाब दिलवाने की नई परपंरा शुरू करने का प्रयास किया। इस पहल का सकारात्मक असर पहले ही दिन देखने को मिला, जबकि प्रश्नकाल के निर्धारित एक घंटे में मंत्रियों ने 17 प्रश्नों के मौखिक जवाब सदन में दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि वो नई परंपरा शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत प्रश्नकाल के लिए सूचीबद्ध सभी 20 प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिलाने का प्रयास किया जाएगा।अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल लोकतंत्र का एक अहम स्तंभ है, जिसके माध्यम से सांसद जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखते हैं। उन्होंने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे संक्षिप्त और विषयवस्तु पर केंद्रित प्रश्न रखें, ताकि अधिक से अधिक सवालों पर चर्चा संभव हो सके। बिरला ने कुछ मंत्रियों को टोकते हुए कहा कि वे सवाल का सीधा उत्तर दें, जिससे समय का बेहतर उपयोग हो और ज्यादा प्रश्नों को सदन में लिया जा सके।

बिरला ने कहा कि बहुत मुश्किल से 20 सांसदों का लॉटरी से नंबर खुलता है। यदि हम 5-6 सवाल पर अटक जाए तो यह अन्य 14 सांंसदों के साथ अन्याय होता है। सदन में यह भी देखा गया कि अध्यक्ष ने बार-बार व्यवस्था बनाए रखने और अनावश्यक व्यवधान से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नकाल को प्रभावी बनाना है तो सभी सदस्यों को सहयोग करना होगा।