
Delhi Crime: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे समूह का पर्दाफाश किया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। अब तक आपने पुलिस द्वारा अपराधियों, कारोबारियों, या रेहड़ी-पटरी वालों से वसूली की खबरें सुनी होंगी, लेकिन राजधानी में दो ऐसे सिंडिकेट सक्रिय थे जो वर्दी वालों से ही फिरौती वसूल रहे थे। इस मामले में पुलिस ने संजय गुप्ता और आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
आपको बता दें कि इस घटना की शिकायत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक कर्मचारी ने पिछले साल अप्रैल में की थी। उसी की शिकायत के आधार पर जांच की गई तो पूरा खेल सामने आ गया। दरअसल, छानबीन में पता चला कि एक गिरोह है जो कमर्शियल वाहन ड्राइवरों और मालिकों को ठगने और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों से पैसे वसूलने का काम करता है। जांच में पता चला कि सिंडिकेट को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी का नाम जीशान अली है। जांच में पता चला है कि ये स्टीकर हर महीने 2,000 से 5,000 रुपये में बेचे जाते थे, जिससे नो-एंट्री जैसे नियमों को आसानी से तोड़ा जा सके।
इस पूरे प्रकरण में एक आदतन अपराधी का भी नाम आ रहा है; उस पर आरोप है कि वह पहले छोटे-मोटे चालान को माफ करने के लिए पुलिसकर्मियों को पहले पैसे दिलाता था और उस घटना की वीडियो बनावा लेता था। बाद में उस वीडियो को वायरल करने और विभाग को देने के नाम पर पुलिसकर्मियों से मोटी रकम की मांग करता था। पिछले कई सालों से पूरा गिरोह इस तरह की कमाई कर रहा था। इस घटना की जांच के बाद पुलिस ने राजकुमार, मुकेश उर्फ पकोड़ी और संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में पुलिस ने संजय गुप्ता और अमीर चौधरी उर्फ सिकंदर को फिरौती लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने जीशान अली को इस मामले का मुख्य आरोपी मानते हुए उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 112 के तहत केस दर्ज किया है। अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें जीशान अली भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हजारों फर्जी स्टीकर, रबर स्टैंप, एक लाइसेंसी पिस्टल, फॉर्च्यूनर एसयूवी, स्पाई कैमरा और अन्य सामान बरामद किया है।
Published on:
01 Feb 2026 05:49 pm
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