
Faridabad: फरीदाबाद नगर निगम ने शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया रखने वालों के खिलाफ अब कड़ा रुख अपना लिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल निजी भवन ही नहीं, बल्कि टैक्स बकाया रखने वाले सरकारी भवनों और उनके प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों को भी सील किया जाएगा। इस सख्त कदम से विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम की यह कार्रवाई मंगलवार से शुरू की जाएगी, जिससे निगम को लगभग 50 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद जिले में 20 से अधिक ऐसे सरकारी भवन हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके साथ ही शहर में करीब 3000 से अधिक निजी और कमर्शियल भवन मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। नगर निगम ने साफ किया है कि तय समयसीमा के भीतर यदि टैक्स जमा नहीं किया गया, तो निगम नियमों के तहत संबंधित दफ्तरों को सील कर दिया जाएगा। सील खुलवाने के लिए पूरा बकाया टैक्स एकमुश्त जमा करना अनिवार्य होगा।
इसको लेकर सोमवार को नगर निगम कार्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की सूची तुरंत तैयार कर सीधी कार्रवाई शुरू की जाए। निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त ने कहा कि सरकारी और कमर्शियल भवनों द्वारा टैक्स बकाया रखना गंभीर विषय है और इससे नगर निगम की विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने टैक्स विभाग और इंजीनियर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंफोर्समेंट नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि कार्रवाई प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। निगम प्रशासन अब बिना किसी भेदभाव के सभी बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने लाल डोरा सर्टिफिकेट और सेल्फ सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं के लंबित रहने से टैक्स निर्धारण और वसूली प्रभावित होती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नागरिकों को इन प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशान न किया जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। निगम अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से सटे होने के कारण फरीदाबाद में केंद्र और राज्य सरकार के कई विभागों के भवन स्थित हैं, जिनमें से कई पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि टैक्स बकाया रखने वाले किसी भी विभाग या भवन को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि शहर के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं और योजनाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ गंभीरता से कार्य करना होगा। इस बैठक में अतिरिक्त आयुक्त सलोनी शर्मा, डॉ. गौरव अंतिल, संयुक्त आयुक्त जितेंद्र जोशी, सभी क्षेत्रीय कर अधिकारी, टैक्स विभाग के चेकर, मेकर और निरीक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और बकायेदारों के खिलाफ अभियान को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जाए।
Updated on:
03 Feb 2026 04:50 pm
Published on:
03 Feb 2026 04:49 pm
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