1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

संघ प्रचारक ने ज्ञान केंद्र के लिए संघ को समर्पित किया करोड़ों का पैतृक मकान, सोसायटी करेगी संचालन

सोसायटी को सौंपेगे भवन, संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी और सीएम आज होंगे शामिल

2 min read
Google source verification
indore

इंदौर. आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे बच्चे, जो प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियां नहीं कर पाते हैं। ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और अन्य साधन संसाधन मुहैया कराने संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक ने सोसायटी तैयार की है। इसके लिए संघ प्रचारक ने अपना करोड़ों का पैतृक मकान दान कर दिया है। इसी भवन में यह सोसायटी काम करेगी। आधुनिक भवन की रविवार को शुरुआत होगी। इस मौके पर संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी, सीएम डॉ. मोहन यादव सहित कई अन्य संघ प्रचारक और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

मालूम हो, संघ के वरिष्ठ प्रचारक दिनकर राव सबनीस मूल रूप से इंदौर के निवासी हैं। उनका पैतृक मकान संगम नगर मैन रोड पर है। उन्होंने मकान यूथ विंग्स वेलफेयर सोसायटी को समर्पित कर दिया है, जो गरीब परिवार के युवाओं के भविष्य को निखारने का काम करेगी। सोसायटी आधुनिक भवन तैयार करेगी, जिसका रविवार को भूमि पूजन होगा। इसमें मुख्य वक्ता संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी होंगे। इनके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई अन्य लोग शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार, संघ प्रचार दिनकर राव सबनीस के पिता मुकुंद राव सबनीस पुलिस अधीक्षक थे। उन्हें राष्ट्रपति अवॉर्ड भी मिला था। उनकी माता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इंदौर की फाउंडर सेविका रही हैं। इंजीनियरिंग करने के बाद सबनीस ने संघ कार्य चुना और प्रचारक हो गए। इंदौर के विभाग प्रचारक रहे, जो वर्तमान में मालवा प्रांत कहलाता है। सबनीस ने अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत को लेकर देशभर में खूब काम किया।एमपीपीएससी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारियां कराई जाएंगी

सोसायटी के अध्यक्ष हरीश डागुर ने बताया कि अत्याधुनिक केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें छात्रावास के अलावा लाइब्रेरी होगी। केंद्र में यूपीएससी, एमपीपीएससी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारियां कराई जाएंगी। पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। इसके अलावा सोसायटी पर्यावरण संरक्षण और जल संधारण, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रसायन-मुक्त जैविक खेती के लिए प्रेरित करने, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देन जैसे न्यूरोपैथी, स्पर्श चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग थेरेपी, ध्यान क्रिया और काउंसलिंग आदि के लिए भी काम किया जाएगा।