
देवास. मंगलवार देर शाम आई तेज आंधी-तूफान और भारी ओलावृष्टि ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। इसका असर केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। हाटपीपल्या क्षेत्र के ग्राम पितावली में एक अत्यंत हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जहां अति ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में बेजुबान पक्षियों की मृत्यु हो गई।
बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो खेतों में तोतों सहित अन्य पक्षियों के शव बड़ी संख्या में बिखरे पड़े मिले। अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा से पक्षियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ओलों व तेज हवाओं का शिकार हो गए।
घटना की गंभीरता और करुण दृश्य को देखते हुए ग्रामवासियों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सभी मृत पक्षियों को एकत्रित किया। इसके बाद करीब 258 मृत तोतों सहित अन्य पक्षियों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों का यह कदम प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बना।
विशेषज्ञों के अनुसार तेज आंधी और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं पक्षियों के लिए अत्यंत घातक साबित होती हैं, क्योंकि उड़ान के दौरान या पेड़ों पर शरण लेते समय वे सीधे ओलों की चपेट में आ जाते हैं। इस घटना ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
Updated on:
28 Jan 2026 11:44 pm
Published on:
28 Jan 2026 11:38 pm

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