
बीते एक दशक में शहर और जिले का प्रोपर्टी कारोबार चौंकाने वाली रफ्तार से बढ़ा है। आंकड़े बताते हैं कि जहां वर्ष 2015 में दस्तावेज पंजीयन की संख्या करीब 36 हजार के आसपास थी, वहीं अब यह बढक़र 75 हजार के करीब पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि अकेले विक्रय पत्र (सेल डीड) की संख्या 56 हजार से ज्यादा हो गई है। रजिस्ट्री के जरिए होने वाला रियल एस्टेट कारोबार अब 8 हजार करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया है, जबकि 2015 में यह आंकड़ा करीब 2500 करोड़ रुपए था। पंजीयन विभाग को मिलने वाले राजस्व के आंकड़े इस तेजी की गवाही दे रहे हैं। शहर ही नहीं, बल्कि जिले के ग्रामीण अंचलों में भी जमीन, प्लॉट और मकानों की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर शहर के आसपास विकसित हो रही नई कॉलोनियों में पंजीयन का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। निवेशकों से लेकर मध्यम वर्ग तक, सभी की नजर प्रोपर्टी पर टिकी हुई है। 25 से 50 लाख के बीच की प्रोपर्टी के खरीदार अधिक हैं।
दो महीने में बढ़ेंगी के विक्रय पत्र
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है। गाइडलाइन में प्रोपर्टी के रेट 10 से 100 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। इसी आशंका के चलते लोग अभी से रजिस्ट्री कराने में जुट गए हैं। पंजीयन कार्यालयों में भीड़ बढ़ गई है और फरवरी-मार्च में रजिस्ट्री का आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है। मार्च में दस्तावेजों की संख्या 10 हजा से पार जा सकती है।
-े वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कृषि भूमि से लेकर फ्लैट, मकान, प्लॉट और डुप्लेक्स तक—हर श्रेणी में संपत्तियों की बिक्री हुई है। शहर के आउटर इलाकों में विकसित हो रही नई कॉलोनियां निवेशकों की पहली पसंद बनी हैं। इसके साथ ही व्यवसायिक संपत्तियों के भी बड़े दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं, जिससे कारोबार को और रफ्तार मिली है।
-त्योहारी सीजन में भी प्रोपर्टी बाजार ने जोरदार छलांग लगाई थी। दशहरा और दीपावली के आसपास सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हुईं, क्योंकि लोगों ने नए घर खरीदकर गृह प्रवेश की तैयारियां कीं।
एक्सपर्ट
- शहर में नई कॉलोनी विकसित हो रही हैं। इस कारण विक्रय पत्र की संख्या बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआत में दस्तावेजों में कमी आई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार है। मार्च में अधिक दस्तावेज रजिस्टर्ड हो सकते हैं।
अशोक शर्मा, जिला पंजीयक
Published on:
07 Feb 2026 11:07 am
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