
भावनाओं का सम्मान करना जरूरी
एक - दूजे की भावनाओं का सम्मान न करने तथा जाने-अनजाने उन्हें आहत करने के कारण आपसी रिश्तों में भावनात्मक दूरियां पैदा हो जाती हैं, जो न सिर्फ परिवार में कलह बढ़ाती हैं, दरार खड़ी कर परिवार को बांटने का सबब भी बनती हैं । रिश्तों में मिठास बनी रहने तथा भावनात्मक दूरियों को कम करने के लिए एक - दूजे की भावनाओं को समझने के साथ ही उनका सम्मान करने जैसे कदम उठाए जाना जरूरी है । - वसंत बापट, भोपाल
खुलकर बातचीत करें
रिश्तों में भावनात्मक दूरियों को कम करने के लिए खुलकर बातचीत करें। सहानुभूति दिखाएं और साथ में क्वालिटी समय बिताएं। एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना, गलतफहमियों को शांति से सुलझाना और सक्रिय रूप से सुनना आवश्यक है। छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयासों, विश्वास और माफी के माध्यम से प्रेम को फिर से जीवंत किया जा सकता है। - दीपू पाटीदार, झालावाड़
एक-दूसरे के लिए समय निकालें
रिश्तों में भावनात्मक दूरियों को कम करने के लिए खुलकर बातचीत करना, एक-दूसरे को ध्यान से सुनना । रोज फोन से दूर कुछ समय एक-दूसरे के लिए निकालें, जैसे एक कप चाय पर बातचीत। तारीफ करें और सकारात्मक बातचीत का अनुपात बढ़ाएं। कभी-कभी अपने स्वयं के मानसिक स्वास्थ्य और रुचियों पर ध्यान देना भी रिश्ते को बेहतर बनाता है। यदि विवाद हुआ है, तो अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें और ईमानदारी से माफी मांगें। इससे विश्वास दोबारा कायम करने में मदद मिलती है। रिश्तों में भावनात्मक दूरियों को पाटने के लिए सक्रिय प्रयास और धैर्य की आवश्यकता होती है। - प्रवेश भूतड़ा, सूरत
गलतफहमियां दूर करें
वर्तमान सामाजिक परिवेश, सोशल मीडिया, घरेलू समस्याएं और आपसी तालमेल की कमी से रिश्तों में भावनात्मक दूरियां बढ़ती जा रही हैं। कुछ असर पीढ़ियों की सोच का भी है। इन दूरियों को कम करने के लिए कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने परिवार के लोगों के साथ बातचीत करें एवं एक दूसरे की भावनाओं को साझा करें। सुनने वाला मनोयोग से उनकी भावनाओं को सुने व समझे। कोई भी टीका टिप्पणी करने के बजाय सहानुभूति पूर्ण रवैया अपनाए जितना हो सके उनका दुख या कोई समस्या हो तो कम करने में मदद करें। - लता अग्रवाल चित्तौड़गढ़
आपस में संवाद बनाए रखें
रिश्तों के बीच बढ़ रही भावनात्मक दूरियों का कारण परिवार के मध्य संवाद और समय न दे पाने से विभिन्न गलतफहमी उत्पन्न होती हैं, जिसके कारण परिवार में कलह भी होने लगती है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए घर पर आवश्यकता से अधिक मोबाइल पर समय देने की अपेक्षा परिवार के साथ हंसी-मजाक, समस्याओं पर चिंतन मिलकर करने और बच्चों के मध्य संवाद बनना चाहिए। दैनिक कार्यों के साथ परिवार के मध्य समय देना पहली आवश्यकता है। - हरिप्रसाद चौरसिया देवास (मध्यप्रदेश)
Published on:
29 Jan 2026 06:22 pm
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