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इंतजार के बाद इस कार्य के लिए पाली का नम्बर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल फरवरी में पाली के रेलवे स्टेशन को नया रूप देने के लिए वर्चुअल शिलान्यास किया था। उसके एक साल बाद अब रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की शुरुआत की गई है। रेलवे प्लेटफार्म के सामने बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। वहां अभी रेलवे का टावर लगाने के लिए खुदाई […]

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पाली

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Rajeev Dave

Feb 02, 2026

railway

पाली का रेलवे स्टेशन।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल फरवरी में पाली के रेलवे स्टेशन को नया रूप देने के लिए वर्चुअल शिलान्यास किया था। उसके एक साल बाद अब रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की शुरुआत की गई है। रेलवे प्लेटफार्म के सामने बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। वहां अभी रेलवे का टावर लगाने के लिए खुदाई की जा रही है। रेलवे की मेगा रि-डेवलपमेंट योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे पाली रेलवे स्टेशन पर करीब 97 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसे बनने में दो साल का समय लगेगा।

पाली में बनने वाले नए रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित व बेहतर सुविधाएं मिलेगी। रेलवे स्टेशन पर ऊपर चढ़ने व उतरने के लिए 4 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। बुजुर्गों व दिव्यांगों सहित सभी यात्रियों के लिए 2 लिफ्ट लगाई जाएगी। स्टेशन पर 6 मीटर का फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाना प्रस्तावित है। स्टेशन पर एक ओर प्रवेश द्वार का प्रावधान किया है। साथ ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।

इनका कहना है

पाली रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया है। स्टेशन को बनने में करीब दो साल का समय लगेगा।

हितेश यादव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, रेलवे जोधपुर मंडल

घटा दी गई थी राशि

पाली में अंग्रेजी शासन काल के समय रेलवे स्टेशन बनाया था। इस स्टेशन का उसके बाद रूप बदला और अब फिर से रूप बदलने के लिए पहले रेल मंत्रालय की ओर से 293.73 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया था। जिसे बाद में करीब 200 करोड़ रुपए घटा दिया। अब इसकी लागत करीब 97 करोड़ रुपए कर दी है। जब स्टेशन की लागत 293.73 करोड़ रुपए थी। उस समय स्टेशन को धौलपुर के पत्थर से मारवाड़ की स्थापत्य कला के साथ राजपूत स्थापत्य कला के साथ बनाना तय किया था। पाली शहर के सुभाष सर्किल और वृद्धाश्रम की तरफ दोनों ओर रेलवे प्लेटफार्म की निकासी व प्रवेश बनाया जाना था। प्लेटफार्म पर प्रतीक्षा कक्ष, रेलगाड़ियों के कोच देखने के इंडिकेटर के साथ अन्य सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया करानी थी। इन सभी में बजट घटने के बाद बदलाव किया है।