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शादी से पहले रईंगाराम की मौत: हादसे में सिरोही-पाली जिले के 7 लोगों की मौत, किसको पता था यह अंतिम सफर होगा…

उदयपुर-पालनपुर जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पल की लापरवाही ने सात जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया और कई परिवार को ऐसा घाव दे दिया, जो जीवनभर नहीं भर पाएगा।

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पाली

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Santosh Trivedi

Jan 26, 2026

gujrat car accident

फाइल फोटो- मृतक चेतन और तुलसी

गुजरात में एक भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इकबालगढ़ के पास हुआ यह हादसा केवल दो वाहनों की टक्कर नहीं है, बल्कि यह सात परिवारों के सपनों, सहारों और भविष्य की निर्मम हत्या है।

उदयपुर-पालनपुर जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पल की लापरवाही ने सात जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया और कई परिवार को ऐसा घाव दे दिया, जो जीवनभर नहीं भर पाएगा। कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन उससे ज्यादा बिखर गए वे परिवार, जिनका सब कुछ उन अपनों से जुड़ा था।

7 लोगों की मौत

हादसे में सिरोही जिला निवासी मोहम्मद हुसैन, शबीना, महेंद्र भाई, तुलसीराम, चेतन कुमार प्रजापति और पाली के पीपरी निवासी रईंगाराम व फालना के महादेव क्षेत्र निवासी प्रकाश कुमार की मौत हो गई।

पढ़ाकर कार में घर लौट रहा था चेतन

किवरली निवासी मृतक चेतन प्रजापति बीएड डिग्रीधारी था। वह रोजाना पालनपुर में निजी विद्यालय में पढ़ाने जाता था। माता-पिता का वह एकमात्र लाडला बेटा था। पूरा परिवार उसकी आय पर निर्भर था।

चेतन के एक बेटा व तीन बेटियां हैं, जो पढ़ाई कर रहे हैं। वह शनिवार को बच्चों को पढ़ाकर कार में घर लौट रहा था और हादसे का शिकार हो गया। चेतन के दुनिया में नहीं रहने से माता, पिता, पत्नी व बच्चे फूट-फूटकर रो पड़े। चेतन की मौत पर ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।

तुलसी अहमदाबाद में नौकरी करता था

डेरना निवासी मृतक तुलसीराम अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता था। उसके पिता गुजरात के अंबाजी में होटल पर कार्य करते हैं। छोटा भाई व मां गांव में मजदूरी करती है। तुलसी के दो बेटे व तीन बेटियां है। सड़क हादसे में उसकी मौत का समाचार मिलते ही घर में मातम छा गया। घर पहुंचे ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।

मोहम्मद हुसैन और शबीना की मौके पर ही मौत

शहर के संतोषी नगर कच्ची बस्ती निवासी मजदूरी करने वाला मोहम्मद हुसैन (50) किडनी के इलाज के लिए परिवार के साथ पालनपुर गया था, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उसका अंतिम सफर बन जाएगा।

कुछ दिन पहले पेट दर्द की शिकायत पर सुमेरपुर के निजी अस्पताल में जांच के बाद किडनी संबंधी बीमारी की आशंका जताई गई, जिस पर उसे पालनपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

तीन दिन उपचार के बाद छुट्टी मिलने पर हुसैन की मां व अन्य रिश्तेदार उसी दिन शिवगंज लौट आए, जबकि हुसैन अपनी पत्नी जीनत, पुत्र मोहम्मद शाह (16) और भाभी शबीना के साथ पालनपुर में ही रुके रहे।

शनिवार को ये सभी परिजन शिवगंज लौटने के लिए सुमेरपुर आ रही एक कार में सवार हुए। इकबालगढ़ के समीप कार हादसे का शिकार हो जाने से मोहम्मद हुसैन और उसकी भाभी शबीना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हीरा घिसाई का काम करता था महेंद्र भाई

वाटेरा गांव निवासी मृतक महेंद्र भाई रावल पालनपुर में हीरा घिसाई का कार्य करता था। उससे होने वाली आय से परिवार का भरण-पोषण हो रहा था।

शनिवार को दवाई लेने पालनपुर गया था और लौटते समय हादसा हो गया। उनके एक बेटा और दो बेटियां है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी। बेटे ने हाल ही में राज्य सरकार की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा पास की है।

तीन माह बाद रईंगाराम की होनी थी शादी

टीपरी निवासी रईंगाराम कोलकाता में सोने के तार का काम करता था। उसे अपने गांव टीपरी लौटते समय उसे एयरपोर्ट पर प्रकाश की गाड़ी मिली। वह उसके साथ ही आ रहा था। इस बीच इकबालगढ़ के पास यह हादसा हो गया। तीन माह बाद उसकी शादी तय थी और परिवार खुशियों की तैयारियों में जुटा हुआ था। इसी बीच एक हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।