
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां शराब की लत इंसान को किस हद तक गिरा सकती है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि समाज को नई दिशा देने वाला शिक्षक ही अवैध शराब की तस्करी के मामले में जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है। आबकारी विभाग के द्वारा सख्त कार्रवाई के बाद मामला उजागर हुआ।
जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी शंभू दयाल सिंह जाटव के नेतृत्व में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम शिकारपुरा स्थित जंगल सफारी ढाबा में एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब का भंडारण और विक्रय कर रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद आबकारी टीम ने ढाबे पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी अरविंद सिंह पिता गुलाब सिंह 45 निवासी पवई के कब्जे से 353 पाव देशी मदिरा सादा, कुल 63.54 बल्क लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपये बताई गई, जब्त की गई। आरोपी के पास शराब के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं मिला। इस पर उसे आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह कोविड काल से पहले गुजरात में शिक्षक था, लेकिन शराब की लत के कारण नौकरी चली गई। इसके बाद उसने होजरी व्यवसाय शुरू किया, पर नशे की वजह से भारी नुकसान और लाखों का कर्ज हो गया। कर्ज चुकाने के लिए वह अवैध शराब के धंधे में उतर गया। लॉकडाउन के बाद गुजरात से लौटकर उसने पवई, कटनी और दमोह क्षेत्र से शराब की तस्करी शुरू की। मामले में और आरोपियों की तलाश जारी है।
Published on:
29 Jan 2026 06:03 pm
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