
चप्पल और उसमें से निकली ब्राउन शुगर (फोटो-पत्रिका)
प्रतापगढ़। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत थाना अरनोद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चप्पलों में छिपाकर ले जाई जा रही 115 ग्राम ब्राउन शुगर और ब्राउन शुगर में मिलाने वाला 116 ग्राम केमिकल पाउडर जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देशन में की गई। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि मादक पदार्थ तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर नशे की खेप ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी और कार्रवाई से उनके मंसूबों पर लगातार पानी फिर रहा है।
पुलिस के अनुसार थाना अरनोद क्षेत्र में पुलिस चौकी नौगांवा के सामने नाकाबंदी की जा रही थी। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। तभी नौगावां की ओर से एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी, जिस पर दो व्यक्ति सवार थे। नाकाबंदी देखकर मोटरसाइकिल चालक ने अचानक गति कम की और वाहन को वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम संजर खान बताया, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम गजराज बताया।
पुलिस की ओर से तलाशी के दौरान गजराज के पैरों में पहनी गई चप्पलों पर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि चप्पलें किसी पदार्थ से चिपकाई गई थीं। दाहिने पैर की चप्पल को काटकर देखने पर उसके अंदर पीले रंग की प्लास्टिक की थैली मिली, जिसमें टेप लिपटा हुआ सफेद रंग का पदार्थ था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह ब्राउनशुगर में मिलाने वाला केमिकल पाउडर है।
बाएं पैर की चप्पल को काटकर देखने पर एक अन्य थैली में हल्का भूरा मटमैला पदार्थ मिला, जो ब्राउनशुगर था। तौल करने पर ब्राउन शुगर में मिलाने वाले केमिकल पाउडर का वजन 116 ग्राम और ब्राउनशुगर का वजन 115 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मौके पर ही दोनों मादक पदार्थों को जब्त कर लिया तथा परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया। इस संबंध में थाना अरनोद पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी संजर ने यह ब्राउनशुगर और केमिकल पाउडर खरीदकर अपने घर पर प्लास्टिक की चप्पलों के अंदर पैक किया था। इसके बाद गजराज को वही चप्पलें पहनाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और उसे रतलाम भेजने की योजना थी। जहां से बस के जरिए मादक पदार्थ की सप्लाई की जानी थी।
ब्राउनशुगर रतलाम पहुंचाने के बदले गजराज को 3000 रुपये मजदूरी तय की गई थी। जिसमें से 800 रुपये नकद पहले ही दे दिए गए थे। शेष राशि माल पहुंचाने के बाद देने की बात तय हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी संजर के खिलाफ पूर्व में भी जावरा और पीपलोवा क्षेत्रों में एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं।
Published on:
08 Feb 2026 07:08 pm
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