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मौत के बाद जिंदा है माफिया के लिए प्यार! अतीक और अशरफ के कब्र पर किसने चढ़ाए फूल? जांच शुरू

प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में शब-ए-बारात की रात अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रों पर फूल चढ़ाने का वीडियो वायरल हुआ।

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अतीक अहमद और परिवार की कब्र पर शब-ए-बारात का रहस्य

अतीक अहमद और परिवार की कब्र पर शब-ए-बारात का रहस्य

Atiq Ahmed and Ashraf Ahmed Latest News Viral Video of Kabr: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार की कब्रों पर शब-ए-बारात की रात फूल चढ़ाए जाने की खबर ने सबको चौंका दिया है। मौत के तीन साल बाद भी अतीक के लिए कुछ लोगों का प्यार और वफादारी अब भी बरकरार दिख रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस मामले को सुर्खियां दी हैं और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

शब-ए-बारात पर कब्रिस्तान में क्या हुआ?

शब-ए-बारात की रात धूमनगंज थाना क्षेत्र के कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रों पर फूल चढ़ाए गए। वीडियो में कुछ लोग कब्रों पर फतेहा पढ़ते और फूल चढ़ाते दिख रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद खुफिया एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। वे जांच कर रही हैं कि आखिर ये लोग कौन थे और उनका मकसद क्या था।

अतीक के बेटे नहीं पहुंचे

सूत्रों के अनुसार, अतीक के दोनों छोटे बेटे अहजम और अबान कब्र पर नहीं आए थे। अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि दूसरा बेटा अली अहमद झांसी जेल में है। अली अहमद को अतीक गैंग का आईएस 227 गैंग लीडर भी घोषित किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कब्र पर फूल चढ़ाने वाले अतीक के कितने करीबी या पुराने साथी थे।

कब्रिस्तान में दफन हैं तीनों

कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, अशरफ और असद को दफनाया गया था। याद रहे, 24 फरवरी 2023 को अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की गोली मारकर हत्या हुई थी। इसके बाद 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ ने अतीक के बेटे असद को एनकाउंटर में मार गिराया। सिर्फ दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को पुलिस कस्टडी में काल्विन अस्पताल ले जाते समय अतीक और अशरफ की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं

वीडियो वायरल होने के बाद खुफिया तंत्र और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कब्र पर पहुंचने वाले लोग अतीक के पुराने साथी थे या कोई और मकसद था। क्या यह सिर्फ धार्मिक रस्म थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? अभी तक कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन जांच जारी है।

मौत के बाद भी जिंदा है वफादारी

यह घटना बताती है कि माफिया अतीक अहमद की मौत के बाद भी उसके कुछ लोग उसकी याद में फूल चढ़ाने पहुंच गए। मौत के बाद भी उनके लिए प्यार और वफादारी का यह नजारा समाज में सवाल खड़े करता है।