
तस्वीरें सवाल पूछ रही हैं- जब भंडार खाली है, तो शासन के दावे भरे कैसे हैं? ( Photo - Patrika )
विनोद जैन. राजिम कल्प कुंभ में दशनाम जुना अखाड़े के साधु-संतों की बदहाली अब तस्वीरों में साफ दिखाई देने लगी है। (Rajim Kumbh 2026) शासन के बुलावे पर पहुंचे लगभग 300 साधु-संतों के लिए बनाए गए भंडार की स्थिति यह है कि वहां राशन के नाम पर कुछ गिने-चुने पैकेट और खाली तख्त पड़े हैं।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि भंडार में न तो अनाज है, न दाल, न ही नियमित भोजन की कोई व्यवस्था। यही वजह है कि साधु-संतों को दिनभर भोजन के लिए भटकना पड़ रहा है।
अखाड़ा के भोजन व्यवस्था देख रहे भंडारी प्रेम गिरी एवं ममलेश्वर गिरी ने साफ शब्दों में कहा कि “भोजन कराने लायक राशन ही नहीं दिया गया है।” उन्होंने बताया कि इस गंभीर स्थिति से तहसीलदार को मौके पर बुलाकर अवगत कराया गया, लेकिन जवाब मिला-“इतने साधुओं को कितना राशन लगेगा?”
साधु-संतों का आरोप है कि प्रशासन की यह सोच अपमानजनक है और इससे यह संदेश जाता है कि कल्प कुंभ जैसे पवित्र आयोजन में उन्हें श्रद्धा नहीं, बल्कि बोझ समझा जा रहा है। साधुओं ने दो टूक कहा कि अगर यही हाल रहा तो यह कल्प कुंभ नहीं, बल्कि शासन की लापरवाही का उदाहरण बनकर रह जाएगा।
तस्वीरें सवाल पूछ रही हैं-जब भंडार खाली है, तो शासन के दावे भरे कैसे हैं?
Updated on:
08 Feb 2026 06:32 pm
Published on:
08 Feb 2026 06:10 pm
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