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Vegetable Price: महंगाई को लगा ब्रेक! यहां चटनी से भी सस्ते बिक रहे टमाटर, जानिए सब्जियों के भाव

Vegetable Price: लगातार महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए सब्जी बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। इस सीजन में पहली बार सब्जियों के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

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सब्जी के भाव (फोटो-पत्रिका)

सब्जी के भाव (फोटो-पत्रिका)

Vegetable Price: लगातार महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए सब्जी बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। इस सीजन में पहली बार सब्जियों के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले महीने तक 50 से 60 रुपए प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 10 रुपए किलो तक पहुंच गया है।

बताना होगा कि राजिम में सब्जी मंडी है। आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में सब्जी उत्पादक किसान है। वैसे भी इस मौसम में सब्जियों की आवक अच्छी होती है और हो भी रही है। जानकारी के अनुसार, थोक बाजार में टमाटर 150 रुपए प्रति कैरेट से तीन सौ तक बिके, जिससे प्रति किलो के हिसाब से भाव तेजी से नीचे आए। इसी तरह फूलगोभी 20 रुपए, हरा मटर 30 से 35 रुपए और बैंगन 15 से 20 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। दामों में आई इस कमी से आम लोगों की रसोई का बजट फिर संतुलन में आने लगा है और बाजारों में खरीदारों की रौनक लौट आई है।

सब्जियों की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट

सब्जी विक्रेता प्रेमलाल पटेल, हेमलाल पटेल ने बताया कि लोकल सब्जियों की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से लगातार ताजा सब्जियां आ रही हैं और खेतों से सीधे मंडियों तक माल पहुंच रहा है। अधिक आवक के चलते थोक और चिल्हर दोनों बाजारों में भाव नीचे आ गए हैं।

दरअसल बीच में मौसम के चलते कई किसानों की फसल खराब हो गई थी, जिससे बाजार जलभराव और कीट प्रकोप से में सब्जियों की कमी हो गई और दाम तेजी से बढ़ गए। बाद में किसानों ने दोबारा फसल लगाई, जिसकी पैदावार अब बाजार में पहुंच रही है। इसी कारण लंबे समय बाद सब्जियों के दामों में गिरावट देखी जा रही है।

कई किसानों को लागत निकालना मुश्किल

दाम कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को अपनी उपज मंडी तक लाने के लिए भाड़ा, हमाली के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में किसानों को मंडी में ही सब्जियां बेचनी पड़ती हैं और उनकी आमदनी बाजार के भाव पर निर्भर रहती है। किसानों का कहना है कि पैदावार कम होने के चलते अच्छी कीमत मिलती है, लेकिन अभी उत्पादन अच्छी हुई है और कीमत गिर गई है। प्रत्येक सीजन में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसान दीनदयाल, रामकिशन, किशोर कुमार, हरि साहू, संतोष कुमार, सीताराम ने बताया कि खाद और दवाई की कीमत कभी कम नहीं होती बल्कि और बढ़ जाती है। जबकि सब्जियों की कीमत अस्थाई होते हैं। इसलिए एक समर्थन मूल्य होना चाहिए ताकि उत्पादक किसानों को सब्जियों की सही कीमत मिल सकें।