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CG News: साय सरकार ने इस जिले के किसानों के खाते में डाले 1061 करोड़ रुपए, फटाफट चेक करें बैलेंस

CG News: किसानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत और उत्सव बनकर सामने आया है। इस बार धान विक्रय के बाद किसानों के बैंक खातों में शुद्ध रूप से 161 करोड़ 6 लाख रुपए से अधिक की राशि पहुंची है

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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

CG News: राजनांदगांव जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह सीजन किसानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत और उत्सव बनकर सामने आया है। इस बार धान विक्रय के बाद किसानों के बैंक खातों में शुद्ध रूप से 161 करोड़ 6 लाख रुपए से अधिक की राशि पहुंची है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि आने वाले दिनों में स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढऩे की उम्मीद जताई जा रही है। विशेष ऑटो मोबाइल, ज्वेलरी और कंस्ट्रक्शन में असर दिखेगा।

CG News: एक लाख से ज्यादा किसानों ने बेचा धान

जिला सहकारी बैंक के अनुसार इस खरीफ सीजन में जिले के 1 लाख 24 हजार 95 किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपनी उपज बेची। कुल 62 लाख 49033. 20 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया। केंद्र सरकार से घोषित 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को कुल 1483 करोड़ 51 लाख रुपए का भुगतान किया गया।

लिंकिंग कटौती के बाद शुद्ध भुगतान

धान बिक्री की कुल राशि में से 42245.15 लाख रुपये की कटौती लिंकिंग के तहत की गई, जिसमें खरीफ सीजन के दौरान सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋण और सामग्री की राशि शामिल है। कटौती के बाद किसानों के खातों में शुद्ध रूप से 1061 करोड़ 6 रुपए की राशि जमा हुई।

जिले के 96 केन्द्रों में 24 घंटे निगरानी हुई

इस वर्ष जिले में धान खरीदी के दौरान प्रशासन की ओर से सख्ती के साथ निगरानी की गई। इसी का नतीजा रहा है कि कोचियों का करोड़ों रुपए का धान केन्द्रों में खप नहीं पाया। प्रशासन की ओर से बॉर्डर के अंदरूनी रास्तों पर भी निगरानी की जा रही थी। अधिकारी, कर्मचारी डटे हुए थे।

बाजारों में दिखेगा सीधा असर

किसानों के खातों में पहुंची इस बड़ी राशि का असर अब स्थानीय बाजारों में दिखने की संभावना है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और निर्माण सामग्री से जुड़े व्यापारियों को ग्रामीण मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि धान खरीदी के बाद बाजार में उछाल आता है। दरअसल ज्यादातर किसान धान बेचने के बाद ही वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरुआत करते हैं। बाजार में असर दिखने लगा है। विवाह से जुड़े सामग्री की बिक्री शुरू हो गई है तो वहीं ट्रैक्टर सहित मोटर साइकिल, कार की बुकिंग हो रही है। विशेषकर आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर की डिमांड है।

कर्ज से मुक्ति, हाथ में नकद

धान बिक्री से किसानों को दोहरा लाभ मिला। एक ओर पुराने कृषि ऋण की भरपाई हुई, तो दूसरी ओर बड़ी मात्रा में नकद राशि हाथ में आई। इससे किसान न केवल अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे, बल्कि पारिवारिक जरूरतों और निवेश से जुड़े फैसले भी ले पाएंगे। किसानों का कहना है कि धान की खरीदी के बाद कर्ज चुकाने के साथ ही पारिवारिक कार्यक्रमों को कराने की हिम्मत बढ़ जाती है। विशेषकर वैवाहिक आयोजन के लिए धन की व्यवस्था हो जाती है। किसानों ने बताया कि धान बेचने से खाते में नकद राशि आने से आर्थिक रूप से राहत मिलती है। इससे बाजार में इन्वेस्टमेंट करने के साथ जरूरी सामान खरीद पाते हैं।

धान बेचने के लिए पंजीयन कराया - 128000 किसान
समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसान - 124095
खरीदी गई धान की मात्रा - 6249033 क्विंटल

धान की कुल कीमत - 1483 करोड़ 51 लाख 25 हजार रुपए
लिकिंग (ऋण) की वसूली - 422 करोड़ 45 लाख 18 हजार 624
किसानों को शुद्ध भुगतान - 1061 करोड़ 06 लाख रुपए

जिला खाद्य अधिकारी, रविन्द्र सोनी ने बताया कि पूरी निगरानी के साथ किसानों से धान की खरीदी की गई है। किसानों के खातों में राशि पहुंची है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिल रही है। फिलहाल खरीदी के बाद धान के उठाव पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही उठाव पूरा करा लिया जाएगा।