2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sundarkand Path Vidhi: मंगलवार-शनिवार सुंदरकांड पाठ क्यों है विशेष? जानें पूरी पूजा विधि

Sundarkand Benefits : ब्रह्ममुहूर्त में सुंदरकांड पाठ करने की सही विधि जानें। मंगलवार-शनिवार का महत्व, पूजा सामग्री, नियम और सुंदरकांड पाठ के चमत्कारी लाभ।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Feb 02, 2026

Sundarkand Path Vidhi

Tuesday Saturday Sundarkand Recitation: अगर आप चिंताओं या मुश्किलों से जूझ रहे हैं, तो बहुत से लोग ताकत, ज्ञान और भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति के लिए भगवान हनुमान की ओर रुख करते हैं। हिंदू परंपरा में, जब हालात मुश्किल होते हैं तो आप हनुमान पर ही भरोसा करते हैं। और जब उम्मीद और हिम्मत पाने की बात आती है, तो रामायण का सुंदरकांड सबसे अलग दिखता है इसमें एक शक्तिशाली आध्यात्मिक ताकत है।

लोगों का मानना ​​है कि सुंदरकांड का पाठ करने से सिर्फ आपका आत्मविश्वास या अंदरूनी ताकत ही नहीं बढ़ती। यह घर में असली शांति, खुशी और खुशहाली लाता है। कहानी अपने आप में प्रेरणा देने वाली है। सीता को खोजने के लिए हनुमान की अविश्वसनीय यात्रा, उन्होंने लंका को कैसे जलाया, और भगवान राम के प्रति उनकी पूरी वफादारी। यह पाठ खास तौर पर आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है अगर आप इसे मंगलवार या शनिवार को पढ़ते हैं।

सुंदरकांड का पाठ कैसे करे

1) सही समय चुनें: आप सुंदरकांड किसी भी दिन पढ़ सकते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार खास होते हैं। अगर आप सच में इसे महसूस करना चाहते हैं, तो ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे के बीच का समय) में पाठ करने की कोशिश करें।

2) अपनी जगह तैयार करें: एक साफ जगह ढूंढें, लाल कपड़ा बिछाएं और पूरब की ओर मुंह करें। वहां हनुमान की तस्वीर या मूर्ति रखें। अपनी पूजा का सामान इकट्ठा करें: लाल सिंदूर, रोली, चावल, एक दीया, धूप, फूल, फल, मिठाई (जैसे बेसन के लड्डू), गंगाजल, और रामचरित मानस की अपनी कॉपी (सुंदरकांड खोलें)।

3) सबसे पहले क्या करें

  • नहाएं, साफ कपड़े पहनें।
  • बैठें, अपने मन को शांत करें।
  • दीया जलाएं, हनुमान को तिलक लगाएं।
  • धूप जलाएं, फूल चढ़ाएं।
  • अपने और अपनी जगह पर थोड़ा पानी छिड़कें।
  • “ॐ श्री हनुमते नमः” का जाप करें।
  • हनुमान चालीसा पढ़ें।
  • सुंदरकांड के सभी 68 श्लोक पढ़ें।

4) हनुमान जी को थोड़ा भोग लगाएं और खुद प्रसाद लें। अपनी जगह साफ-सुथरी रखें और पक्का करें कि उसमें अच्छी हवा आती हो।

सुंदरकांड का पाठ क्यों करें?

मन को शांत करता है: यह आपके विचारों को शांत करता है और मानसिक शांति लाता है।
मुसीबतें दूर करता है: हनुमान जिंदगी की परेशानियों को दूर करने के लिए जाने जाते हैं।
इच्छाएं पूरी करता है: सच्चे मन से पाठ करने से आपकी इच्छाएं पूरी होती हैं।
फोकस बढ़ाता है: यह आपके दिमाग को तेज करता है और कॉन्संट्रेशन को बेहतर बनाता है।
आध्यात्मिक तरक्की: कहा जाता है कि रेगुलर पाठ करने से आप मोक्ष के करीब पहुंचते हैं।