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बजट: लोगों की उम्मीद के अनुसार नहीं आया बजट, न किसान को कुछ मिला, न महंगाई कम करने कोई प्रावधान

बीना. देश का आम बजट रविवार को पेश किया गया। इस बजट को लेकर हर वर्ग को उम्मीदें थीं, लेकिन लोगों का कहना है कि निराशा ही मिली है। किसान, युवाओं को कुछ नहीं मिला है और न ही महंगाई कम करने को लेकर बजट में कुछ खास है। कर में भी कोई राहत नहीं […]

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Budget: The budget did not meet people's expectations, neither did farmers get anything, nor was there any provision to reduce inflation.

टीवी पर बजट देखते हुए

बीना. देश का आम बजट रविवार को पेश किया गया। इस बजट को लेकर हर वर्ग को उम्मीदें थीं, लेकिन लोगों का कहना है कि निराशा ही मिली है। किसान, युवाओं को कुछ नहीं मिला है और न ही महंगाई कम करने को लेकर बजट में कुछ खास है। कर में भी कोई राहत नहीं मिली।

किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं
बजट ने साबित कर दिया है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। किसान की आय बढ़ाने, एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी को लेकर कुछ नहीं किया है। वहीं, उर्वरक पर सब्सिडी घटाई जा रही है। खाद, बीज, डीजल के दाम लगातार बढऩे से लागत बढ़ रही है, लेकिन इसको लेकर कोई प्रावधान नहीं है। सम्मान निधि भी नहीं बढ़ाई गई है।
सीताराम ठाकुर, संभागीय अध्यक्ष, किसान यूनियन

कर प्रणाली सरल बनाने पर जोर
बजट में कर प्रणाली को सरल बनाने पर विशेष बल दिया गया है, जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन आसान होगा। एमएसएसइ, स्टार्टअप और घरेलु उद्योगों को समर्थन देकर आत्मनिर्भरता को मजबूत किया गया है। वहीं, विलंब से ऑडिट कराने पर पहले लगने वाले दंड को लेट फीस में परिवर्तित कर दिया गया है, जो करदाताओं को चिंता का विषय है। सोने, चांदी पर कस्टम ड्यूटी में कमी न होने से, व्यापारी निराश हैं।
मयूर अग्रवाल, सीए

विकसित भारत की दिशा में सशक्त बजट
बजट देश को विकसित भारत की ओर ले जाने वाला, जनकल्याण, मध्यम वर्ग, किसान, युवा, महिला एवं गरीब वर्ग के सशक्तिकरण को समर्पित एक दूरदर्शी बजट है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भर भारत की नींव को और अधिक मजबूत करेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में किए गए प्रावधान देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले हैं।
राजेंद्र उपाध्याय, नगर मंडल अध्यक्ष, भाजपा

महंगाई कम करने नहीं कोई प्रावधान
महंगाई कम करने को लेकर कोई ठोस प्रावधान और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की आमदनी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। किसान, युवा और मध्यम वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार इसे विकसित भारत 2047 से जोडकऱ बता रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले कई वर्षों में न किसानों की आय दोगुनी हुई, न युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला। बजट आम लोगों की उम्मीद पर खरा नहीं उतरा है।
अनुराग ठाकुर, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस

दूरदर्शी व ऐतिहासिक बजट

बजट शहरी विकास के लिए एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक बजट बताया, उन्होंने बजट में नगर पालिका बान्ड पर घोषित 100 करोड़ के प्रोत्साहन का स्वागत किया। यह उभरते शहरों के लिए पूंजी जुटाने का एक सुनहरा अवसर है।
लता सकवार, नगर पालिका अध्यक्ष, बीना