27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गरीबी का दर्द..बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर ले जा रहा था, रास्ते में मौत

mp news: क्या होती है एंबुलेंस? उसे ये भी नहीं पता, हाथ ठेले पर बीमार पत्नी को अस्पताल ले जा रहा था, देखते रहे लोग, नहीं की मदद।

2 min read
Google source verification
sagar

humanity shame poor man takes wife on handcart dies

mp news: मध्यप्रदेश के सागर से एक ऐसी खबर सामने आई है जो झकझोर देने वाली है। यहां शनिवार को एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर अस्पताल लेकर जा रहा था लेकिन वो अस्पताल पहुंच पाता इससे पहले ही रास्ते में पत्नी की सांसें थम गईं। बीच शहर से बुजुर्ग हाथ ठेले पर पत्नी को लेकर गुजरा लेकिन तथाकथित जागरूक समाज कोई भी व्यक्ति उसकी मदद के लिए नहीं आया। बुजुर्ग की मजबूरी और बेबसी को देख भी लोगों का दिल नहीं पसीजा और वो सिर्फ तमाशबीन बने रहे।

अस्पताल पहुंचने से पहले पत्नी ने तोड़ा दम

सागर शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाले बुजुर्ग पवन साहू वैसे तो यूपी के ललितपुर जिले के रहने वाले हैं लेकिन बीते 12-13 साल से वो सागर में ही रहकर सब्जी बेचकर अपना व बीवी का जीवन यापन कर रहे थे। शनिवार को पत्नी पार्वती साहू की तबीयत बिगड़ने पर पति पवन साहू सब्जी वाले हाथ ठेले पर ही पत्नी को लेटाकर इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे लेकिन वो अस्पताल पहुंच पाते इससे पहले ही पत्नी पार्वती की सांसें थम गईं और वो उनका साथ छोड़कर हमेशा के लिए चली गई।

एंबुलेंस के बारे में नहीं थी जानकारी

पत्नी की रास्ते में ही मौत होने के कारण पवन हाथ ठेला खड़ा कर रो रहे थे तभी उनसे किसी ने पूछा तो उन्होंने पूरी बात बताई। जब उनसे पूछा गया कि आपने एंबुलेंस क्यों नहीं बुलाई तो पवन ने बताया कि उन्हें एंबुलेंस के बारे में कुछ पता ही नहीं है। रोते हुए पवन पत्नी का शव ठेले पर ही लेकर वापस घर लौट रहे थे तभी करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद मोतीनगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव ने उन्हें देखा और उनका दर्द समझा। नरेश यादव और अन्य लोगों ने फिर मदद कर पवन साहू की मृत पत्नी के अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था कराई और अंतिम संस्कार कराया।