
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर चेयर के द्वारा सोमवार को संगोष्ठी की गई। संगोष्ठी में मप्र इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के निदेशक प्रो. यतींद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा, शोध और नवाचार विकास का मूल आधार होते हैं। समाज की समस्या का अध्ययन कर उसका समाधान शोध का मूल आधार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र की समस्या के लिए युवा शोधार्थियों को आगे आना चाहिए। पिछड़े व गरीब किसान, सामाजिक समरसता, समानता आदि विषय पर शोध कर उसका समाधान करना चाहिए। जिससे गरीब और पिछड़ों की समस्या का समाधान हो सके।
डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ. आंबेडकर चेयर द्वारा 3 साल से डॉ. आंबेडकर के विचारों पर संगोष्ठी एवं अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। डॉ. गौतम प्रसाद ने कहा कि आंबेडकर चेयर के द्वारा किए गए कार्यों से समाज में जागरूकता आ रही है। शोधार्थी समाज के उत्थान एवं देश के विकास के लिए शोध कार्य करें। कार्यक्रम में डॉ. नेहा निरंजन, डॉ. जनार्दन, डॉ. वैशाली जैन, डॉ. शशिकांत अवस्थी, डॉ. शैलेंद्र सकवार, डॉ. वसीम अनवर, डॉ. अभय, हिमांशु, अंशु अहिरवार, जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।
Published on:
10 Feb 2026 05:08 pm
