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सागर. शहर के सराफा बाजार में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। इन छोटे निवेशकों ने हाल में ही चांदी में निवेश किया था वे डर की वजह से बाजार में चांदी बेचने के लिए पहुंची, लेकिन लगातार दूसरे दिन सराफा कारोबारारियों ने खरीदी नहीं की। वहीं सराफा कारोबारी जो जीएसटी भी 3 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की मांग कर रहे थे वह भी बजट में संभव नहीं हुआ। ऐसे में अब सराफा कारोबारियों के नजरे सोमवार को शुरू होने वाले बाजार पर हैं। सोमवार को चांदी के दामों की स्थिति तय होगी। शहर में रविवार को 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 57 हजार रुपए और 1 किग्रा चांदी के दाम 2 लाख 80 हजार रुपए पर पहुंच गए।
सराफा कारोबारी एसोसिशन के चुनाव अध्यक्ष राजू बम ने बताया कि बाजार की स्थिति बेहद खराब है। न कुछ बेचा जा सकता है, न खरीदा। कीमतों में इतना तेज उतार-चढ़ाव है कि भाव का अंदाजा ही नहीं रह गया। करीब 35 साल से चांदी के कारोबार में होने के बावजूद उन्होंने ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा। उनका कहना है कि 20 साल पहले भी हालात बिगड़े थे, लेकिन तब सरकार ने कमोडिटी ट्रेडिंग पर रोक लगाकर बाजार को स्थिर कर दिया था। रविवार को भी कमोडिटी ट्रेडिंग पर रोक लगाई गई। अब सोमवार से बाजार की स्थिति तय होगी। अभी छोटे निवेशक घबड़ाए हुए हैं, हालांकि बाजार में कुछ दिनों बाद वापस तेजी की संभावना है।
जेवराती सोने की मांग बढ़ी
सराफा कारोबारी संजीव दिवाकर ने बताया कि सोमवार को जेवराती सोना खरीदने वालो का रूझान देखने को मिला। जिन परिवारों में शादियां हैं उन्होंने सोने-चांदी की खरीददारी की, हालांकि जो निवेशक चांदी बेचने आए अभी वो नहीं खरीदी जा रही है। लोगों को अब इस बात का डर भी है कि सोने-चांदी के दाम फिर ना बढ़ जाए, इसलिए जेवराती सोने की खरीदी हुई है। सोमवार से ही बाजार की स्थिति का पता चल जाएगा। उसके बाद ही चांदी की खरीदी-बिक्री बढ़ेगी।
Published on:
03 Feb 2026 11:57 am
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