
राजस्थान में खेतों में गिरे ओले।
आसमान से बरसे ओलों ने राजस्थान के कई जिलों में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 जनवरी को जयपुर, सीकर, चूरू, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटा, टोंक, दौसा, बारां, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार सवाईमाधोपुर जिले में कुल 2 लाख 86 हजार 805 हैक्टेयर में बोई गई रबी फसलों में से 12 हजार 345 हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
नुकसान का स्तर 33 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक दर्ज किया है। सबसे ज्यादा चोट गेहूं और सरसों की फसलों पर पड़ी है, जबकि चना और अन्य फसलें भी नुकसान की चपेट में आई हैं।
प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं, वहीं किसान अपनी मेहनत पर पानी फिरने से मायूस होकर राहत की आस लगाए बैठे हैं।
कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गेहूं में 5 हजार 291 हैक्टेयर व सरसों में 4 हजार 684 हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। चना 826, जौ 2 व अन्य फसलों में 1 हजार 542 हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित रहा।
जिले में बारिश व ओलावृष्टि से तीन दर्जन से अधिक गांवाें में रबी की फसल चौपट हुई है। इनमें सुमनपुरा, क्यारदा, बहरावण्डा खुर्द, बैरना, दौलतपुरा, खण्डेवला, सोनकच्छ, बाढ़पुर, हरिपुरा, ओलपुरा, सुखवास, मीनाखेड़ी, नरवला, मेईकला, हरिया का टॉप, सवाईगंज, बालदनगंज, अजीतपुरा, आवण्ड, भैरूपुरा, लक्ष्मीपुरा, दौलाड़ा, फलौदी, टोड़रा, खिजुरी, पांचोलास, रवांजना डूंगर आदि शामिल हैं।
वहीं टोडरा उपतहसील के 10 से 15 गांव भी ओलावृष्टि की चपेट में आ गए। ग्राम पंचायत चितारा की प्रशासक निर्मल कंवर ने बताया कि दौलाडा, चितारा, करमापुर, गढ़ी, खानपुर, बलवनखुर्द, किशनपुरा, रामनगर, श्योपुरा, महुआपुरा और मुद्राहेड़ी सहित कई गांवों में फसलें जमीन पर बिछ गई। प्रशासक ने राज्य सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गिरदावरी कराकर फसल नुकसान का वास्तविक व पारदर्शी आंकलन करने की मांग की।
Updated on:
28 Jan 2026 07:10 pm
Published on:
28 Jan 2026 07:04 pm
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