
MP News: राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सिवनी में ब्लॉक कांग्रेस के अन्तर्गत आने वाली आदिवासी ग्राम पंचायत परासपानी में कांग्रेस जनों की बैठक ली। इस दौरान ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया।
दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि गुजरात का एनजीओ ने रिपोर्ट अंग्रेजी में बनाई है। जबकि आदिवासी इलाके में कोई भी अंग्रेजी नहीं जानता है। मैं इसकी लड़ाई लडूंगा। उन्होंने भाजपा से विधायक संजय पाठक का नाम लेते हुए कहा कि वे चार आदिवासियों के नाम पर पूरे प्रदेश में जमीन खरीद रहे हैं। सिवनी में भी जमीन खरीदकर रिसॉर्ट बना रहे हैं। जबकि यहां के स्थानीय लोगों को रिसॉर्ट बनाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कोर एरिया में रिसार्ट बनाया जा रहा है। हम उन चार आदिवासियों को कब्जा दिलाएंगे और जिसने जमीन बेची है उसे हिस्सा दिलाएंगे। कांग्रेस यह लड़ाई आदिवासियों के लिए लड़ेगी। उन्होंने कहा कि गोंडी भाषा को राष्ट्रीय भाषा में शामिल करने के लिए।
पूर्व सीएम ने कहा कि आने वाले समय में अमेरिका का दूध, मक्खन, मक्का सहित अन्य सामान बेचे जाएंगे। इसके पीछे वजह यह है कि यह समझौता प्रधानमंत्री ने किया है। उनके दोस्त का पेंच फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के खिलाफ बहुत शिकायत आ रही है।
दिग्विजय सिंह ने ग्राम परासपानी में कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए ग्रामीण किसानों मजदूरो को इस योजना के अन्तर्गत रोजगार प्राप्त हो सका, जिससे कि पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्र के मजदूर किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ और आर्थिक आय बढ़ी। सिर्फ नाम बदल देने से योजनाएं ठीक ढंग से नही चलाई जा सकती हैं। वर्तमान में मोदी सरकार ने मनरेगा का स्वरूप बदलकर देश के ग्रामीण मजदूर किसानों का भारी नुकसान किया है। आरोप लगाया कि इस योजना में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
Published on:
08 Feb 2026 08:42 pm
बड़ी खबरें
View Allसिवनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
