
सिवनी. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से लगातार मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। घटना को एक माह से अधिक का समय हो चुका है। अब तक 30 से अधिक मौत हो चुकी है। घटना के बाद प्रदेशभर के नगरीय निकायों को सतर्क कर दिया गया था। इसी कड़ी में सिवनी नगर पालिका ने शहर में स्वच्छ, सुरक्षित और मानक अनुरूप पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाने का दावा किया गया है। इसके लिए विभिन्न टीम भी गठित की गई है। हालांकि शुरुआत में टीम सक्रिय भी रही, लेकिन अब गंभीरता नहीं दिख रही है। नगर पालिका सिवनी के सभी 24 वार्ड में से अधिकतर में टीम पानी की जांच के लिए नहीं पहुंची है। ऐसे में नगरवासी चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि टीम को घर-घर पानी की सेम्पलिंग लेकर जांच करनी चाहिए। इससे उन्हें भी पता चलेगा कि वह कैसा पानी पी रहे हैं। हालांकि इस संबंध में सीएमओ विशाल सिंह मर्सकोले का कहना है कि जलप्रदाय व्यवस्था की न केवल समीक्षा की जा रही है, बल्कि फील्ड स्तर पर सघन जांच, सुधार और निगरानी भी की जा रही है। प्रतिदिन जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शुद्धिकरण संयंत्रों से लेकर अंतिम छोर तक पहुंचने वाली सप्लाई पर निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि कहीं भी दूषित पानी की आशंका न रहे। अधिकारियों को निर्देश हैं कि जलापूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित पर जवाबदेही तय की जाएगी।
शहरभर में पाइप लाइनों का निरीक्षण अभियान
अधिकारियों का कहना है कि जलप्रदाय शाखा द्वारा बड़े पैमाने पर शहर के सभी वार्डों में पाइप लाइनों का निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पुरानी पाइप लाइनों, जॉइंट्स, वाल्व चेंबर और उन स्थानों की विशेष जांच की जा रही है, जहां हाल के दिनों में भूमिगत कार्य हुए हैं। ऐसे क्षेत्रों में गंदे पानी के पाइप लाइन में मिलने की आशंका अधिक रहती है। निरीक्षण के दौरान जहां भी लीकेज, टूट-फूट या तकनीकी खामियां पाई जा रही हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में एहतियातन पाइप लाइन बदली जा रही है तो कहीं जॉइंट्स को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अलावा लोगों की शिकायत पर भी तत्काल सुधार कार्य कराए जा रहे हैं।
खुद की लैब से होगी पानी की टेस्टिंग
नगर पालिका ने पानी की टेस्टिंग के लिए खुद का लैब बनाने का भी निर्णय लेते हुए टेंडर निकाला है। लगभग 8 लाख रुपए की लागत से बावरिया में नगर पालिका लैब खोलेगा। यहां आम आदमी भी पानी का सेम्पल लाकर जांच करा सकता है।
किट के जरिए हो रही पानी जांच
अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन दो से तीन वार्ड में नगर पालिका की टीम पानी की जांच के लिए पहुंच रही है। हालांकि अभी किट के माध्यम से जांच हो रही है।
इनका कहना है…
नगर में जहां से भी शिकायत आ रही है वहां पर सुधार कार्य कराया जा रहा है। हर दिन दो से तीन वार्ड में टीम पानी की जांच के लिए पहुंच रही है। खुद के लैब के लिए टेंडर भी निकाला गया है।
विशाल सिंह मर्सकोले, सीएमओ, नपा, सिवनी
Published on:
10 Feb 2026 01:08 pm
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