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Sirohi News: मनरेगा को खत्म करना चाहती है भाजपा सरकार, साल में दो महीने कोई काम नहीं मिलेगा- संयम लोढ़ा

सिरोही में मनरेगा बचाओ रोजगार बचाओ अभियान को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढा ने कई गांवों में जनसंवाद किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून में किए बदलावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

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पूर्व विधायक संयम लोढ़ा। फोटो- पत्रिका

सिरोही। मनरेगा बचाओ रोजगार बचाओ अभियान के तहत पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सिरोही तहसील के बालदा, माकरोड़ा, सिंदरथ, वेलांगरी और कृष्णगंज में जनसंवाद कर आमजन को संबोधित किया। इस दौरान पूर्व विधायक लोढ़ा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद साधु-संतों का अपमान किया और गौ हत्या को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2014 के चुनाव में वादा किया था कि गाय को राष्ट्रीय पशु और राष्ट्र माता का दर्जा देंगे, लेकिन तीन बार सरकार बनने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया।

साल में 60 दिन भुखमरी की गारंटी

पूर्व विधायक लोढ़ा ने कहा कि सरकार ने बिल में खेती के पीक सीजन के दौरान 60 दिन का ब्लैकआउट पीरियड घोषित करने का प्रावधान किया है। यानी साल के इन दो महीनों में सरकार आपको कोई काम नहीं देगी। उन्होंने कहा कि यह बिल गरीबों, दलितों और मजदूरों की कमर तोड़ने की साजिश है। जब काम की सबसे अधिक जरूरत होगी, तब सरकार हाथ खड़े कर देगी। मजदूरों को मजबूरी में कम मजदूरी पर काम करना पड़ेगा और पलायन बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से मनरेगा को खत्म करना चाहती है। मनरेगा कानून में बदलाव के बाद बेरोजगारी में वृद्धि, न्यूनतम मजदूरी दिए बिना श्रम के शोषण, शहरों की ओर मजबूरी में होने वाले पलायन में वृद्धि, पंचायतों की शक्तियां, अधिकार और प्रासंगिकता समाप्त हो जाएगी। मनरेगा बिल में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है, जबकि खेत-खलिहान में काम करने वाले मजदूरों के हाथों की लकीरें घिस जाती हैं। यदि मशीन अंगूठा नहीं मानेगी तो मजदूर काम और दाम दोनों से वंचित हो जाएंगे।

नरेगा बचाओ संग्राम की चार मांगें

लोढ़ा ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम की चार मांगें हैं जिनमें काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी, मनरेगा में किए बदलावों की तत्काल वापसी और काम के संवैधानिक अधिकार की बहाली तथा न्यूनतम मानदेय 400 रुपए प्रति मजदूर निर्धारित किया जाए।

इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष रतन माली, पीसीसी सदस्य किशोर पुरोहित, युवक जिला अध्यक्ष प्रकाश मीणा, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष चंपालाल, पूर्व जिला अध्यक्ष रितिक मेघवाल, मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह, शैतान सिंह, राजू मकरौदा, मोहन सीरवी, सिरोही नगर अध्यक्ष प्रकाश प्रजापति, जिला संगठन महासचिव जोगाराम मेघवाल, दीपाराम चौधरी, एनएसयूआई राष्ट्रीय संयोजक दशरथ नरूका सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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