
आईपीएल 2026 (Indian Premier League 2026) की शुरुआत में अब डेढ़ महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) का होमग्राउंड अभी तय नहीं हो पाया है। जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है। बीसीसीआई (BCCI) ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जल्द चुनाव कराने को कहा है, वरना जयपुर में आईपीएल मैच नहीं होंगे। ऐसे में टीम के समर्थकों और राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों के बीच अनिश्चितता है।
2008 में खेले गए आईपीएल के पहले सीजन से जयपुर को अपना घर मानने वाली राजस्थान रॉयल्स अब आईपीएल 2026 में अपने अधिकांश होम मैच पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेल सकती है। रॉयल्स की मैनेजमेंट टीम ने दिसंबर में पुणे स्टेडियम का निरीक्षण किया और पिच, बैठने की व्यवस्था, खिलाड़ियों की सुविधाओं और ट्रैवल की व्यवस्था की जांच की। सूत्रों के अनुसार, पुणे में अधिकांश होम मैच होंगे जबकि तीन मैच गुवाहाटी में खेले जाएंगे। आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जब तक राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन अपने चुनाव नहीं कराती, तब तक जयपुर में आईपीएल मैच नहीं हो सकते।
जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम आईपीएल की शुरुआत से ही राजस्थान रॉयल्स का होमग्राउंड रहा है। ने 2008 में शेन वॉर्न की कप्तानी में पहला आईपीएल खिताब जीता था। हालांकि, 2013 में सट्टेबाजी घोटाले के बाद 2015 में टीम पर दो साल (2016-2017) का बैन लगा दिया था। टीम के सह-मालिक राज कुंद्रा को भी सट्टेबाजी में शामिल पाया गया और साथ ही सवाई मानसिंह स्टेडियम में मैंचों के आयोजन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। 2018 में रॉयल्स की वापसी के बाद जयपुर में फिर मैच शुरू हुए, लेकिन पिछले दो सालों से गुवाहाटी रॉयल्स के लिए दूसरा होम वेन्यू बन गया है।
पुणे का एमसीए स्टेडियम में पहले भी आईपीएल मैचों का आयोजन हो चुका है। 2016-17 में यह राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स का होम ग्राउंड रह चुका है। चेन्नई ने उस साल चैंपियनशिप भी जीती थी।
पिछले दो वर्षों से आरसीए को एक एड-हॉक कमेटी चला रही है, जिसे राज्य सरकार ने नियुक्त किया था और जो आरसीए की तीसरी एड-हॉक कमेटी है। कमेटी के अध्यक्ष दीन दयाल कुमावत और अन्य सदस्यों के बीच आंतरिक विवाद चल रहा है, जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सदस्यों ने अध्यक्ष पर आरोप लगाए हैं कि दीन दयाल होटल बुकिंग, किट खरीद और खर्च अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में अन्य लोगों को दरकिनार कर रहे थे, जिसके बाद राजस्थान खेल परिषद ने कुमावत के खिलाफ जांच शुरू की है। इस विवाद के कारण खिलाड़ियों के चयन, घरेलू टूर्नामेंट और ट्रेनिंग ठप हो गई है।
तीसरी कमेटी बनाने की तैयारी है, लेकिन चुनाव कब होंगे इसकी अब तक कोई जानकारी नहीं है। 2025 में आरसीए के एक पदाधिकारी और बीजेपी विधायक जयदीप बिहानी ने रॉयल्स पर मैच फिक्सिंग का आरोप भी लगाया था, जिसे टीम ने खारिज कर दिया था। अंत में सामने आया कि यह विवाद मुफ्त आईपीएल टिकटों को लेकर था। कुल मिलाकर पूरे सिस्टम में आराजकता फैली है और बंदरबांट का खेल जारी है, जो एक राज्य के पूरे खेल तंत्र को खोखला कर रहा है। खामियाजा राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
Published on:
11 Feb 2026 07:15 pm
