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रावला के आशीष हत्याकांड का खुलासा: पत्नी ने प्रेमी संग रची थी हत्या की साजिश

- इवनिंग वॉक बना मौत का बहाना, पत्नी सहित चार आरोपी गिरफ्तार, पत्नी अंजली के मोबाइल फोन और मृतक की पोस्टमार्टम ने खोला राज

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श्रीगंगानगर. रावला थाना क्षेत्र के चक 01 केएलएम में तीन दिन पूर्व हुए आशीष हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में मृतक की पत्नी ने ही प्रेम-प्रसंग के चलते अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि प्रारंभ में यह मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन गहन अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आशीष की हत्या की गई है। एसपी ने बताया कि पत्नी अंजू उर्फ अर्जु उर्फ अंजली ने इवनिंग वॉक का बहाना बनाकर पति को घर से बाहर निकाला और टहलते हुए उसे सुनसान इलाके में ले गई, जहां पहले से घात लगाए बैठे उसके प्रेमी और साथी मौजूद थे। एसपी ने बताया कि मृतक आशीष सांसी की पत्नी सादुलशहर निवासी अंजू उर्फ अर्जु उर्फ अंजली (23) पुत्री सुभाष, अंजली के प्रेमी जगदम्बा कॉलोनी श्रीगंगानगर निवासी संजय उर्फ संजू पुत्र गुलाबचंद (25), प्रेमी के दोस्त सादुलशहर निवासी रोहित उर्फ रॉकी पुत्र राजू (20) और जगदम्बा कॉलोनी श्रीगंगानगर निवासी बादल उर्फ सिद्धार्थ पुत्र अशोक कुमार (20) को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में थाना रावला के सीआई बलवंत कुमार, एएसआई सुरेश कुमार, शैलेन्द्र, ओमप्रकाश, अखिलेश आदि पुलिस कार्मिकों की टीम का विशेष सहयोग रहा है।







सड़क हादसा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

31 जनवरी को परिवादी बजीरचंद निवासी चक 01 केएलएम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे उसका भतीजा आशीष कुमार पत्नी के साथ घूमने निकला था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल और अनूपगढ़ वृताधिकारी प्रशांत कौशिक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल मोबाइल यूनिट ने भी साक्ष्य जुटाए।



चोटों की प्रकृति से टूटा ‘हादसे’ का भ्रम

अनुसंधान के दौरान मृतक के शरीर पर आई चोटों की प्रकृति संदिग्ध पाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरी चोटें और गला घोंटने के संकेत मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया।

प्रेम-प्रसंग में रची गई हत्या की पूरी कहानी

पुलिस जांच में सामने आया कि आशीष की शादी करीब तीन माह पूर्व अंजली से हुई थी, लेकिन वह शादी से खुश नहीं थी। कुछ समय बाद वह पीहर सादुलशहर चली गई, जहां उसने अपने प्रेमी संजय उर्फ संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत अंजली दोबारा ससुराल लौट आई और रोज़ की तरह रात में पति के साथ टहलने जाने लगी। 30 जनवरी की रात उसने आशीष को बहाने से सुनसान सड़क पर ले जाकर झाड़ियों में छिपे आरोपियों को इशारा किया। इसके बाद आरोपियों ने डंडों से सिर पर वार कर आशीष को बेहोश किया और मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

ऐसे खुला हत्या का राज

हत्या के बाद घटना को लूट और सड़क हादसे का रूप देने के लिए अंजली ने अपने पति का मोबाइल फोन और अपने झुमके आरोपियों को दे दिए। जब परिजनों ने आशीष के मोबाइल पर कॉल किया, तो फोन किसी अन्य व्यक्ति ने उठाया, जिससे संदेह और गहराया। जिस स्थान को दुर्घटनास्थल बताया गया था, वह सिंगल रोड है, जहां वाहनों की आवाजाही कम रहती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी का ड्रामा

पूछताछ के दौरान आरोपी रोहित उर्फ रॉकी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए तबीयत खराब होने का नाटक किया और खुद को बेहोश दिखाने लगा। उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां वह कांपने लगा, लेकिन चिकित्सकीय जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।