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राजस्थान के 77 बस स्टैंड्स पर अब रेलवे जैसा अनुभव: लगेगा स्मार्ट अनाउंसमेंट सिस्टम और रियल-टाइम बस अपडेट्स!

RSRTC Latet News: इस सिस्टम के जरिए यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान, देरी, रद्दीकरण तथा मार्ग से जुड़ी अहम जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी।

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RSRTC Smart Passenger Announcement System: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम यानी आरएसआरटीसी प्रदेश के बस स्टैंडों पर यात्रियों को बेहतर सूचना और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। निगम ने वर्ष 2026 के लिए पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम यानी पीएएस की स्थापना, संचालन और रखरखाव को लेकर निविदा जारी की है। इस परियोजना पर लगभग 1.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आरएसआरटीसी की ओर से जारी निविदा के तहत राज्य के 77 प्रमुख बस स्टैंडों पर अत्याधुनिक ऑडियो पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। इनमें 10 टाइप.ए, 23 टाइप.बी और 44 टाइप.सी श्रेणी के बस स्टैंड शामिल हैं। उदयपुर और जयपुर के कई बस स्टैंड को ए.टाइप श्रेणी में रखा गया है। इस सिस्टम के जरिए यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान, देरी, रद्दीकरण तथा मार्ग से जुड़ी अहम जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी।

निविदा प्रक्रिया के तहत यह टेंडर 5 फरवरी को खोला जाएगा। नई व्यवस्था पूरी तरह स्वचालित होगी और 24 घंटे, सातों दिन कार्य करेगी। तय समय के अनुसार सिस्टम अपने आप चालू और बंद होगा, जिससे अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रत्येक बस स्टैंड पर कंप्यूटर सिस्टम, यूपीएस, इंटरनेट कनेक्शन, एम्पलीफायर और उच्च गुणवत्ता वाले स्पीकर लगाए जाएंगे।

इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे मोबाइल तकनीक से जोड़ा जाएगा। एक एंड्रॉइड मोबाइल एप के माध्यम से आरएसआरटीसी के अधिकारी और डिपो प्रबंधक साउंड लेवल, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अनाउंसमेंट की स्थिति की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इससे किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान संभव होगा।

पीएएस सिस्टम को आरएसआरटीसी के मौजूदा ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम, ई.टिकट मशीन, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम से इंटीग्रेट किया जाएगा। इसके अलावा 149 नंबर आधारित आईपीआरएस यानी इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम, भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा, जिससे यात्री फोन कॉल के जरिए बस टाइमिंग, सीट उपलब्धता और रूट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

सिस्टम के माध्यम से हर 15 मिनट में अधिकतम 4 मिनट तक ऑडियो कमर्शियल विज्ञापन प्रसारित करने की अनुमति होगी। हालांकि बस संचालन से जुड़ी घोषणाओं को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। विज्ञापनों की सामग्री को आरएसआरटीसी मुख्यालय से स्वीकृति लेनी अनिवार्य होगी। इस परियोजना से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि निगम की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।