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उदयपुर। शहर में डिजिटल अरेस्ट का एक और मामला सामने आया है। इसमें रिटायर्ड अध्यापिका और उसके पति को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 71 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ितों ने ठगी होने के 9 दिन बाद पुलिस की मदद ली। अब साइबर पुलिस जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, अहिंसापुरी निवासी शशि जैन (65) और उनके पति सौभागमल के साथ ठगी की यह वारदात हुई। 22 दिसंबर को उनके पास फोन आया। इसमें बताया गया कि आपका एक बैंक अकाउंट मिला है। जिसमें बड़ी राशि इधर से उधर की गई है, जो जेट एयरवेज से जुड़े नरेश गोयल स्कैम की है। ऐसे में इस स्कैम में आपका नाम भी आ रहा है। आरोपियों ने दंपती से सीबीआइ अधिकारी, सुप्रीम कोर्ट जज, टेलीकॉम अधिकारी, मुंबई पुलिस आदि बनकर पूछताछ की। इस दौरान उनसे समय-समय पर 71 लाख रुपए वसूल लिए।
आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि वे बुजुर्ग है, इसलिए उनका मामला प्रायोरिटी से ले रहे हैं। आरोपियों ने मनी स्कैम का बहाना बनाकर भ्रमित किया। इसके साथ ही यह कहा कि वे स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं करे और किसी भी परिजन को इस मामले की जानकारी नहीं दें, अन्यथा वे भी आरोपी बन जाएंगे। दोष सिद्ध होने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है।
आरोपियों ने बड़ी राशि का स्कैम होने की बात कहते हुए पीडि़तों को यह राशि जमा करवाने को कहा। इससे सजा माफ होने तक का प्रावधान होना बताया। इसके साथ ही कहा कि आप निर्दोष होंगे तो यह राशि जांच के बाद पुन: आपको मिल जाएगी। ऐसे में पीड़ितों ने एफडी तुड़वाकर और सोना गिरवी रखकर 71 लाख रुपए आरोपियों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
साइबर ठग इन दिनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इससे ऐसा लगता है कि पेंशन डिपार्टमेंट का डाटा कहीं से लीक हो गया है। वे पीड़ितों के आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि की कॉपी भी फोन पर दिखा देते हैं। हालांकि कई मामलों में ये कॉपी फर्जी मिली।
Updated on:
15 Jan 2026 04:00 pm
Published on:
15 Jan 2026 03:59 pm
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