
Union Budget 2026-27 (Patrika Photo)
Union Budget 2026-27: केंद्रीय बजट में कनेक्टिविटी, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। उदयपुर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन आधारित शहर के लिए यह बजट अनेकों अवसरों का द्वार खोलता दिख रहा है। पूंजीगत व्यय को बढ़ाया है, जिससे सड़क, रेल और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के रास्ते खुलेंगे।
इसका सकारात्मक असर उदयपुर के पर्यटन व खनन पर पड़ेगा। पर्यटन क्षेत्र को भी विस्तार देने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी तय किया है। साथ ही 10 हजार पर्यटन गाइडों को स्किलअप करने, डिजिटल टूरिज्म प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय पर्यटन डेटा ग्रिड और 15 धरोहर स्थलों का विकास करने जैसे कदम उठाए हैं।
ये सब उदयपुर जैसे विरासत समृद्ध शहर के लिए फायदेमंद होंगे। बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा का मकसद शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है। नेटवर्क में राजस्थान को विशेष लाभ मिलना संभव है, जिससे उदयपुर जैसे पर्यटन हब की राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
-हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से मध्य-पश्चिमी और दक्षिणी शहरों से कनेक्टिविटी सुधरेगी।
-टियर 2 और 3 शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा वित्तीय फोकस मिलेगा।
-होटल और हॉस्पिटैलिटी शिक्षण संस्थान की स्थापना से स्किल्ड वर्कर मिलेंगे।
-10 हजार पर्यटन गाइडों के लिए स्किलअप प्रोग्राम से रोजगार के अवसर।
-डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड से पर्यटन स्थलों की डिजिटल पहचान मजबूत होगी।
-15 नई सांस्कृतिक, धरोहर साइटों का विकास, जिसमें उदयपुर में भी संभावनाएं हैं।
-एमएसएमई में नई फंडिंग से उदयपुर के छोटे उद्योगों को समर्थन मिलेगा।
-रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती निवेश क्षमता से उदयपुर आने वाले पर्यटकों को फायदा होगा।
-पर्यटन आधारित नौकरियों के लिए सरकारी योजना का असर उदयपुर तक संभव है।
-लॉजिस्टिक्स सस्ता होने से उदयपुर सहित मेवाड़ के खनन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।
-शिक्षा और रोजगार को जोड़ने के लिए की गई बजट घोषणा से उदयपुर में शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
-छोटे उद्योग, पर्यटन, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निवेश के संकेत उदयपुर को रोजगार, खनन, वैश्विक पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।
-केंद्र सरकार पर्यटन, हेरिटेज सर्किट, डिजिटल टूरिज्म, गाइड-स्किलिंग या होटल-हॉस्पिटैलिटी पर घोषणा करती है तो उसका फायदा उदयपुर जैसे टूरिज्म शहरों को मिलता है। पर्यटकों की संख्या बढ़ना तय है।
-रेल, सड़क विस्तार की योजनाएं सीधे रूट और नेटवर्क पर आधारित है। उदयपुर जयपुर-अहमदाबाद-दिल्ली जैसे कॉरिडोर में है, इसलिए सड़क, ट्रेनों की आवाजाही और हवाई कनेक्शन बढ़ने की संभावना रहेगी।
हर जिले में हॉस्टल सुविधा की अहम घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, कामकाजी युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को सुरक्षित, सस्ती और सुव्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए यह व्यवस्था बड़ी राहत साबित होगी, जिन्हें पढ़ाई या नौकरी के लिए जिला मुख्यालयों में रहना पड़ता है।
उदयपुर जैसे शिक्षा और पर्यटन केंद्र वाले शहर में यह योजना दोहरे लाभ दे सकती है। एक ओर जहां कॉलेज, कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को राहत मिलेगी, वहीं होटल, पर्यटन, ट्रांसपोर्ट और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को भी सुरक्षित और किफायती आवास मिलेगा।
इससे शहर की कार्यबल स्थिरता बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। माना गया है कि आवास की समस्या के कारण कई युवा शिक्षा या स्किल ट्रेनिंग बीच में छोड़ देते हैं। हॉस्टल सुविधा मिलने से ड्रॉपआउट दर कम होगी और युवाओं की भागीदारी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार योजनाओं में बढ़ेगी।
देश के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा। इसमें उदयपुर के पर्यटन को शामिल किया जा सकता है। पर्यटन और कनेक्टिविटी बढ़ने पर स्थानीय अर्थव्यवस्था बढ़ेगी।
होटल से लेकर ऑटो तक, गाइड से लेकर दुकान संचालकों तक, कारीगर से लेकर ट्रांसपोर्टर तक सब तक असर होगा। उदयपुर राजस्थान ही नहीं, बल्कि दुनिया के शीर्ष पर्यटन शहरों में है। पर्यटन से जुड़ी घोषणाओं का असर यहां दिखेगा तो देश विदेश के पर्यटकों की आवक बढ़ेगी। आने वाले समय में ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
खनन क्षेत्र से जुड़ी बड़ी घोषणा दुर्लभ खनिज कॉरिडोर से संबंधित है। सरकार दुर्लभ खनिजों के लिए समर्पित कोरिडोर विकसित करेगी, जिसमें खनन, प्रोसेसिंग, अनुसंधान और निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। बजट में नीतिगत प्रोत्साहन भी है, जैसे कि अहम खनिज संसाधनों के लिए पूंजीगत सामग्री पर कस्टम ड्यूटी में छूट और क्रिटिकल मिनरल्स के खोज पर टैक्स में राहत दी है।
इससे खनन गतिविधियां सस्ती बन सकती है। उदयपुर खनिज से समृद्ध जिला है, यहां प्रमुख उत्पाद जिंक, जिप्सम शामिल है। राज्य की खनिज नीति और बढ़ती उत्पादन क्षमता के साथ केंद्र की यह घोषणा स्थानीय खनन उद्योग को मजबूत कर सकती है। जिससे उदयपुर की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर संभव है।
बजट में टियर 2 और 3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा वित्तीय फोकस किया गया है। उदयपुर जैसे छोटे शहर, जिनकी आबादी 7-8 लाख है, उनको इससे फायदा पहुंचेगा। उदयपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में काम होता है तो रोड नेटवर्क पर और काम किया जा सकेगा, जो भविष्य की तस्वीर को और बेहतर बनाएगा।
बजट घोषणा के मुताबिक होटल और हॉस्पिटैलिटी शिक्षण संस्थान की स्थापना के माध्यम से स्किल्ड वर्कर तैयार किए जाएंगे। उदयपुर जैसे पर्यटन शहर में भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखें तो होटल और हॉस्पिटैलिटी बूम आने वाला है। ऐसे में स्किल्ड वर्कर की जरुरत रहेगी।
बजट घोषणा के मुताबिक डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड से पर्यटन स्थलों की डिजिटल पहचान मजबूत होगी। ऐसे में उदयपुर जैसे शहर को नई पहचान मिलना संभव होगा, क्योंकि उदयपुर न सिर्फ पर्यटन मानचित्र पर पहचान रखता है, वहीं आईटी इंडस्ट्री के मामले में भी उदयपुर का पलड़ा भारी है।
इस दिशा में काम होने पर छोटे उद्योग, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश के संकेत हैं, जिससे उदयपुर को रोजगार, खनन, वैश्विक पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। इसके अलावा शिक्षा और रोजगार को जोडऩे के लिए की गई बजट घोषणा से उदयपुर में शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। पर्यटन आधारित नौकरियों के लिए सरकारी योजना का असर उदयपुर तक संभव है।
केंद्रीय बजट किसान, मजदूर, महिला, युवा आदि हर वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है। पर्यटन विकास की बात कही गई है, जिससे मेवाड़-वागड़ को फायदा होगा। मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देने वाला निर्णय है।
-डॉ. मन्नालाल रावत, सांसद, उदयपुर
चिकित्सा, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रावधान उदयपुर के लिए फायदेमंद होंगे। दक्षिण राजस्थान में रोजगार, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। परिवारों की खरीद ताकत में सुधार होगा। आम लोगों को राहत मिलेगी।
-ताराचंद जैन, शहर विधायक
माइनिंगए प्रोसेसिंग, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और मैन्यूफेक्चरिंग के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा बहुत रोजगार देगी, वहीं इससे हमारी खनिज सुरक्षा भी बेहतर होगी। क्रिटिकल मिनिरल की प्रोसेसिंग के लिए कैपिटल गुड्स से कस्टम ड्यूटी हटाना अहम कदम है।
-अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, वेदांता लिमिटेड
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस किया है। कैपिटल एक्सपेंडिचर में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने, टूरिज्म को प्रोत्साहित करने और एग्रीकल्चर सेक्टर में वैल्यू एडिशन पर जोर देना अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
-सीए केशव मालू, टैक्स कंसल्टेंट
फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर लगता सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाया है। अत्यधिक सट्टा ट्रेडिंग को हतोत्साहित करना और निवेशकों को जोखिम के प्रति सतर्क करना है। ऑप्शंस और फ्यूचर्स दोनों पर एसटीटी दरों में वृद्धि की गई है।
-सीए पल्लवी मेहता
केंद्रीय बजट महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ वर्गों को प्राथमिकता देने वाला बजट है। युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और निम्न वर्गीय लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
-गजपाल सिंह राठौड़, शहर जिलाध्यक्ष, भाजपा
केंद्रीय बजट युवाओं को समर्पित करने के साथ शैक्षणिक, स्वास्थ्य, रक्षा, परिवहन, कृषि, पशु पालन, मत्स्य आदि क्षेत्रों की योजनाओं को समृद्ध और विकसित बनते हुए नई योजनाओं से आर्थिक सुदृढ़ीकरण को मजबूत करेगा।
-प्रमोद सामर, प्रदेश संयोजक, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ
देशभर के 800 जिलों में लड़कियों के हॉस्टल बनवाना, वहीं शिक्षा और स्किल में उत्तम कार्य के साथ आर्थिक विकास की गति को बढ़ाना लोगों में स्किल निखारना, उन्हें विकास में भागीदार बनाना, संसाधन के साथ अवसर देगा।
-डॉ. अलका मूंदड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा
देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूल, 500 कॉलेज में कंटेंट क्रिएटर लैब्स युवाओं को डिजिटल कौशल और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगी। हॉस्टल बेटियों को शिक्षा के साथ सुरक्षा और भागीदारी को मजबूती मिलेगी।
-डॉ. जिनेंद्र शास्त्री, प्रदेश संयोजक, भाजपा आपदा राहत
किसानों की पीड़ा और जरूरतें सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। महंगाई की मार झेल रहे किसानों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन निराशा मिली। खाद-बीज के बढ़ते दाम, सिंचाई की समस्या बनी हुई है। फसलों का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ा।
-विष्णु पटेल, संयोजक, मेवाड़ किसान संघर्ष समिति
सामाजिक सुरक्षा, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और कमजोर वर्ग के लिए प्रावधान रखा है। दिव्यांगों के लिए सुलभ अवसंरचना, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को मजबूती देना सराहनीय कदम है।
-प्रशांत अग्रवाल, अध्यक्ष, नारायण सेवा संस्थान
उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड मार्बल सहित पारंपरिक उद्योगों के लिए लाभकारी होगा। रेल व कार्गो कॉरिडोर विस्तार से लॉजिस्टिक लागत घटेगी। सस्ती सोलर व खनिज कॉरिडोर उत्पादन लागत घटाएंगे।
-डॉ. हितेष पटेल, अध्यक्ष, उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति
नारी शक्ति को केंद्र में रखा गया है। महिला आर्थिक आजादी की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। बेटियों की राह आसान करने का निर्णय ऐतिहासिक है। दूरदराज के क्षेत्र की बेटियां भी सुरक्षित वातावरण में उड़ान भर सकेंगी।
-सुनीता पिंकी माण्डावत, प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा
उद्योग को दीर्घकालिक लाभ होगा। एमएसएमई सेक्टर के लिए सुविधाओं पर ध्यान दिया है। क्षेत्रीय उद्योग व पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था वाले शहरों के लिए विशेष पैकेज भविष्य में और अधिक सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
-मनीष गलुण्डिया, अध्यक्ष, यूसीसीआई
बजट हर बार की तरह निराशावादी है। मोदी सरकार के पास विजन नहीं है। आर्थिक, सामाजिक चुनौतियां का समाधान नहीं है। युवाओं के रोजगार के लिए ठोस योजना नहीं दी। महंगाई में राहत नहीं दी जा सकी है।
-फतह सिंह राठौड़, शहर जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
बजट में किसी भी वर्ग के लिए ठोस राहत नहीं दी है। महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार ने आंखें मूंद ली। आंकड़े और खोखली घोषणाओं से भ्रमित करने का प्रयास किया है। सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को राहत दी है।
-पंकज कुमार शर्मा, प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता, कांग्रेस
कई योजनाओं के खर्चों में भारी कटौती की है और एससी-एसटी के कल्याण के लिए आवंटित राशि में भी भारी कमी की गई है। वित्त आयोग अनुदान की राशि में 2,03,801 करोड़ की कटौती की है। यह कॉरपोरेट क्षेत्र की आय बढ़ाएगा।
-राजेश सिंघवी, जिला सचिव, माकपा
आम लोगों को समर्पित बजट है। हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। युवा, महिला, मध्यम वर्ग, किसान वर्ग का भी ध्यान रखा गया है। यह बजट विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने वाला साबित होगा।
-प्रकाशचंद्र अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता
Published on:
02 Feb 2026 11:45 am
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