
फोटो: सोशल मीडिया
Advocate Payal Vaishnav: सोशल मीडिया पर अक्सर मनोरंजन की दुनिया दिखती है, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो स्क्रीन के जरिए समाज की जड़ जमाई सोच को चुनौती दे रहे हैं। शहर के सुंदरवास की रहने वाली एडवोकेट पायल वैष्णव उन्हीं में से एक है।
इंस्टाग्राम पर करीब डेढ़ लाख सब्सक्राइबर के साथ पायल आज एक जाना-पहचाना नाम है, लेकिन उनकी पहचान केवल एक कंटेंट क्रिएटर तक सीमित नहीं है। वे एक प्रैक्टिसिंग वकील भी है, जो कोर्ट और कैमरा, दोनों जगह महिलाओं की आवाज बनकर खड़ी है।
शादीशुदा महिला, पारंपरिक परिवेश और खुले विचार…ये संयोजन अक्सर सवालों के घेरे में आता है। पायल वैष्णव ने इन सवालों से डरने के बजाय उन्हें अपने कंटेंट की ताकत बना लिया। पति, सास और ननद के साथ रोजमर्रा की नोकझोंक को वह हास्य और व्यंग्य के जरिए पेश करती है, लेकिन हर वीडियो के पीछे एक गहरा सामाजिक संदेश होता है। सोच है कि घूंघट, भेदभाव और दबाव वाली सोच को तोड़ना है।
एडवोकेट, कंटेंट क्रिएटर और गृहस्थ जीवन… तीनों को संतुलित करना आसान नहीं। पायल इसे टाइम के बेस्ट यूटिलाइजेशन का उदाहरण मानती है। संदेश साफ है कि महिला को अवसर नहीं, निर्णय लेने की आजादी चाहिए। अगर वह खुद पर भरोसा करे तो घर, कॅरियर और समाज, तीनों में बदलाव ला सकती है।
पायल के वीडियो उन परिस्थितियों पर आधारित होते हैं, जिनसे लगभग हर महिला गुजरती है। घूंघट की मजबूरी, फैसलों में राय न पूछना, 'महिला हो, चुप रहो' जैसी मानसिकता। वह इन मुद्दों को न तो आक्रामक अंदाज में रखती है, न ही उपदेश देती है। उसके संवाद सहज होते हैं, इसलिए महिलाओं को अपनी ही कहानी उसमें दिखाई देती है। यही वजह है कि उनके वीडियो न केवल देखे जाते हैं, बल्कि खूब पसंद किए जाते हैं।
पायल का पीहर उदयपुर के पास लकड़वास गांव में है। उसने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में उदयपुर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही है। कोर्ट में उनका फोकस भी महिला मामलों पर ही रहता है।
घरेलू हिंसा, वैवाहिक विवाद और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में वे कानूनी लड़ाई के साथ ही मानसिक संबल भी देती है। पायल का मानना है कि कानून तभी असरदार है, जब महिला खुद अपने अधिकारों को समझे।
पायल कहती है कि सोशल मीडिया महिलाओं तक पहुंचने का सबसे तेज और प्रभावी जरिया है। 'हर महिला कोर्ट नहीं जा सकती, लेकिन मोबाइल हर हाथ में है', यही सोच उन्हें रील्स बनाने के लिए प्रेरित करती है। उनके वीडियो पर आने वाले कमेंट इस बात का प्रमाण है कि कई पीड़ित महिलाएं उनके विचारों से खुद को जोड़ पाती हैं और हिम्मत जुटा रही है। वीडियो से महिलाओं को कानूनी सलाह भी मिल रही है।
सोशल मीडिया की लोकप्रियता के साथ ट्रोलिंग भी आती है, लेकिन पायल को इस मोर्चे पर भी मजबूत सहारा मिला है। उनके पति और परिवार ने हर कदम पर साथ दिया। वे नकारात्मक संदेशों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ने की सीख देते हैं।
पायल मानती है कि परिवार का समर्थन न हो तो कोई भी महिला खुले विचारों के साथ आगे नहीं बढ़ सकती। उसे कुछ समय तक संघर्ष के बाद हार माननी ही पड़ती है।
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Updated on:
24 Jan 2026 03:23 pm
Published on:
24 Jan 2026 02:39 pm
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