
स्टेशन चारों ओर से खुला होने के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से परिसर में प्रवेश कर सकता है। रेलवे क्वाटर्स की ओर से बिना रोकटोक प्रवेश संभव
अमृत भारत योजना में विकसित हो रहे राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था का आलम, चारों ओर से खुले स्टेशन से हो रही समस्या, पार्किंग और प्रवेश पर नियंत्रण नहीं
उदयपुर. राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम है। स्टेशन परिसर में ऑटो व अन्य वाहन पटरियों के समीप तक पहुंच रहे हैं, इससे यात्रियों को असुविधा होने के साथ ही सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्टेशन का विकास अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है। इसी क्रम में रेलवे क्वाटर्स के पास नया भवन तैयार किया है, लेकिन क्वाटर्स से निकलने वाली कुछ सड़कें सीधे पटरियों तक पहुंच रही हैं। इसका फायदा उठाते हुए ऑटो चालक व अन्य वाहन चालक ट्रेन के आने के समय यात्रियों को लेने के लिए पटरियों के पास तक पहुंच जाते हैं। ट्रेन के आते ही यहां यात्रियों और ऑटो चालकों के बीच मोलभाव शुरू हो जाता है, जिससे भीड़ बढ़ जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं स्टेशन के पुराने भवन के बाहर भी कार, बाइक और ऑटो बेतरतीब खड़े रहने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन से इस समस्या की शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। यार्ड की ओर से भी कई बार ऑटो और अन्य वाहन प्लेटफॉर्म के समीप तक पहुंच जाते हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है।
इन स्थानों से खुला है स्टेशन
स्टेशन चारों ओर से खुला होने के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से परिसर में प्रवेश कर सकता है। रेलवे क्वाटर्स की ओर से बिना रोकटोक प्रवेश संभव है। इसके अलावा लोडिंग-अनलोडिंग क्षेत्र से भी सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचा जा सकता है। स्टेशन के बाहर स्थित मंदिर के आसपास से भी पटरियों तक पहुंचने का रास्ता खुला है, वहीं ठोकर चौराहे के अंडरपास से भी लोग सीधे स्टेशन में प्रवेश कर जाते हैं।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
13 Feb 2026 06:16 pm
टिप्पणियाँ (0)

टिप्पणियाँ (0)