वाराणसी, Jun 06, 2026

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BHU Hospital news Ayushman Bharat Yojna:वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल ने आंकड़ा जारी करते हुए बताया है कि अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद से अब तक 35% मरीजों में वृद्धि हुई है। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत सबसे अधिक इलाज कराने कैंसर पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी ने बताया है कि सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार और झारखंड से भी यहां पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है और बड़ी संख्या में लोग आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा रहे हैं।
सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ राजीव कुमार ने बताया है कि इस अस्पताल को पूर्वांचल का एम्स कहा जाता है और यहां पूरे पूर्वांचल से मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल के भी मरीज इलाज कराने सर सुंदरलाल अस्पताल आते हैं। उन्होंने बताया है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए आयुष्मान भारत योजना वरदान साबित हुआ है और सबसे अधिक फायदा कैंसर से पीड़ित मरीजों को मिला है।
उन्होंने बताया कि सर सुंदरलाल अस्पताल में 1 नवंबर 2018 से आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई थी। उस दौरान केवल दो महीने में 136 मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ और 2026 में अब तक 4,969 मरीज इस सरकारी स्कीम का फायदा उठा चुके हैं। उन्होंने बताया है कि कोविड के दौरान मरीजों की संख्या में कमी आई और 2020 में 540 और 2021 में 368 मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा 2024 में 9,577 तक पहुंच गया।
नोडल अधिकारी ने बताया है कि अब तक सर सुंदरलाल अस्पताल में 34,363 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज किया गया जा चुका है, जिसमें 21,148 मरीज मेडिकल ट्रीटमेंट और 13,215 मरीज सर्जिकल ट्रीटमेंट का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2025 में 3831 कैंसर के मरीज यहां पहुंचे थे और 2026 में अब तक 1430 मरीजों का इलाज किया जा चुका है.
नोडल अधिकारी के मुताबिक, बिहार के मरीजों के इलाज के दौरान बिहार सरकार द्वारा पेमेंट नहीं किया जा रहा था, जिसकी शिकायत सामने आई थी। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेज कर आपत्ति जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेज कर मामले से अवगत कराया था, जिसके बाद सरकार पर बकाया 8 करोड़ रूपया अस्पताल प्रशासन को मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि अब इलाज में और सरकार द्वारा भुगतान में किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई जा रही और भुगतान आसानी से कर दिया जा रहा है।
दरअसल, आयुष्मान भारत योजना में मरीज के इलाज में खर्च होने वाले पैसों का केंद्र और राज्य सरकार भुगतान करती है। इसमें 60% हिस्सेदारी केंद्र सरकार की होती है, जबकि 40% हिस्सेदारी राज्य सरकार देती है। वहीं, पूर्वोत्तर और हिमालय क्षेत्र में यह आंकड़ा बदल जाता है और केंद्र सरकार 90% जब कि राज्य सरकार 10% की हिस्सेदारी वहन करती है।
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Published on: 06 Jun 2026 06:06 pm

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