दिंगालेश्वर स्वामी ने कहा
हुब्बल्ली. शिरहट्टी भावैक्य पीठ के फकीर दिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि वे धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार प्रल्हाद जोशी को बदलने के अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे। जोशी को हराना अनिवार्य है।
शहर में रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि 31 मार्च तक उम्मीदवार बदलने की डेडलाइन दी गई थी। इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है, इसलिए 2 अप्रेल को सुबह 10.30 बजे धारवाड़ में लोकसभा क्षेत्र के श्रध्दालुओं की बैठक कर अगले निर्णय की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने साफ किया कि हमारा उद्देश्य पीडि़तों को सांत्वना देना है। उनका चुनाव लडऩे या किसी और को चुनाव लड़वाने का कोई इरादा नहीं है। कई भाजपा नेताओं ने मुझे फोन पर और व्यक्तिगत रूप से समझाने की कोशिश की है। बदनाम करने और जान से मारने की धमकियां भी आई हैं। एक बार लिया गया फैसला बदला नहीं जा सकता चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति हो या कितना भी दबाव हो।
दिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की दमनकारी नीति के कारण निर्वाचन क्षेत्र के कई समुदाय पीडि़त हैं। मैं भावैक्यता पीठ का स्वामी (मठ प्रमुख) हूं, इसलिए उन्हें न्याय मिलना चाहिए। भले ही सम्मान और जान चली जाए आगे बढ़ाया गया कदम पीछे नहीं हटाएंगे। लालच और धमकाने से झुकने की मनोदशा के स्वामी वे नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए जोशी अनिवार्य हैं, तो लोगों का कल्याण और सुकून हमारे लिए अनिवार्य है। इसके लिए संघर्ष भी जरूरी है। यह संघर्ष जीवनपर्यंत जारी रहेगा। उन्होंने हमारे साथ मौजूद स्वामी पर बयान बदलने का दबाव डाला। उन्होंने एक पत्र बनाकर सभी मठों को भेज दिया है। लोकतंत्र मर चुका है और राजशाही जिंदा हो गया है वाली बात एक बार फिर साबित हो गई है। जोशी को समझाने के लिए मैं अकेला ही काफी हूं। इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं कि अगर कोई साधु ठान ले तो बहुत कुछ हो सकता है। कमजोर स्वामी मैं नहीं हूं। योगबल के आगे सब विनाश हो जाएगा।
दिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि प्रदेश के सभी मठाधीश मानसिक रूप से हमारे साथ हैं। किसी के दबाव में आकर चुप रह सकते हैं। स्वामी को प्रदेश के हित के लिए सोचना चाहिए। व्यक्तिगत चेतना की बजाय सामूहिक चेतना होनी चाहिए। अब से इस मामले में मठ प्रमुखों की बैठक नहीं बुलाई जाएगी। स्वेच्छा से आ सकते हैं। लिंगायत समुदाय ही नहीं बल्कि सभी पीडि़त समुदाय जल्द ही आवाज उठाएंगे।