छोटे दादाजी महाराज श्री हरिहर भोले भगवान का 84वां बरसी महोत्सव फागुन वदी पंचमी शुक्रवार को श्री दादाजी दरबार में मनाया गया। दरबार में दादाजी महाराज की समाधि पर शीश नवाने हजारों श्रद्धालु पहुंचे। देशभर से आए 25 हजार से ज्यादा दादाजी भक्तों ने बरसी महोत्सव में शामिल होकर आराध्य को शीश नवाएं। पर्व की महाआरती 108 दीपों से की गई। रात को भंडारा प्रसादी में सैकड़ों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।
वर्ष 1942 में छोटे दादाजी महाराज ने प्रयागराज कुंभ में अपनी देह त्यागी थी। उनकी पार्थिव देह विशेष ट्रेन से खंडवा लाई गई थी और बड़े दादाजी महाराज की समाधि के पास समाधिस्थ किया गया था। शुक्रवार को छोटे दादाजी महाराज का बरसी उत्सव श्री दादाजी दरबार में उत्साह से मनाया गया। बड़ी संख्या में शहर के साथ ही नागपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, वर्धा, जलगांव, अमरावती सहित अनेक स्थानों सेे श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बड़े दादाजी और छोटे दादाजी को शीश नवा कर धूनी माई में आहूति पेश कर प्रसादी ग्रहण की। शुक्रवार शाम को भैंसदेही का रथ पार्वतीबाई धर्मशाला से निकलकर दादाजी धाम पहुंचा। रास्ते भर भज लो दादाजी का नाम, भज लो हरिहर जी का नाम की गूंज सुनाई दी।
रात में बड़ी आरती में पहुंचे हजारों श्रद्धालु
बरसी महोत्सव में प्रात: 4 बजे दोनों समाधियों करे गंगा व नर्मदा जल से स्नान कराया गया। प्रात: 5 बजे मंगल आरती और प्रात: 8 बजे बड़ी आरती की गई। 9.30 बजे समाधि सेवा के बाद दोपहर 3 बजे समाधि पर मालिश, अभिषेक हुआ। शाम 5 बजे छोटी आरती हुई। शाम 6 से 7 बजे सत्यनारायण कथा के बाद रात्रि 8 बजे महापर्व की बड़ी आरती की गई जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रात्रि 9.30 बजे सेवा कार्य व भंडारा एवं रात्रि 11.30 बजे बड़ा हवन हुआ।
कलेक्टर ने किया मंदिर निर्माण का निरीक्षण
शुक्रवार सुबह कलेक्टर ऋषव गुप्ता भी दादाजी धाम पहुंचे। यहां दर्शन के बाद कलेक्टर ने श्री दादाजी धाम में चल रहे नव मंदिर निर्माण का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि यहां दादाजी धाम मंदिर निर्माण के लिए नींव का काम किया जा रहा है। बड़े दादाजी महाराज की समाधि के पीछे 9 फीट की खुदाई हो चुकी है। वहीं, छोटे दादाजी महाराज के समाधि मंदिर के पीछे 8 फीट की खुदाई हुई है, एक फीट ओर बाकी है। कलेक्टर ने ठेकेदार और सुपरवाइजर को कार्य समय पर करने के निर्देश दिए। इस दौरान धर्मेंद्र बजाज, शांतनु दीक्षित, सतीश कोटवाले, गणेश कनाड़े, तपन डोंगरे, ठेकेदार और मंदिर ट्रस्ट के लोग उपस्थित रहे।