
BLA Rebels (Photo- Baloch Liberation Army)
बलूचिस्तान इन दिनों पाकिस्तानी सेना और बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के लड़ाकों के बीच जंग का मैदान बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से दोनों ओर से भीषण गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। BLA ने 31 जनवरी की सुबह से 6 फरवरी की रात तक पाकिस्तानी आर्मी और पाकिस्तानी संस्थानों पर कई बड़े हमले किए। बीते 6 दिनों में BLA के लड़ाकों ने ऑपरेशन हेरोफ II ऑपरेशन के तहत 76 हमले किए और 350 से अधिक सैनिकों को मारने का दावा किया है। BLA ने कहा कि इनमें से कई हमले पूरी तरह से सुनियोजित थे और समन्वित तरीके से अंजाम दिए गए थे।
BLA के ताजा बयान के मुताबिक इन हमलो में मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड, स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड, खुफिया विंग ZIRAB और मीडिया विंग हक्कल ने हिस्सा लिया था। लड़ाका संगठन ने कहा कि इन हमलों के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से लोहा लेते हुए 93 लड़ाके मारे गए। इनमें से 50 मजीद ब्रिगेड के फिदायीन लड़ाके शामिल हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने करीब 200 BLA लड़ाकों को मारने का दावा किया है।
BLA के लड़ाकों ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 17 सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया है। इनमें से 10 को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, जबकि 7 अभी भी उनकी हिरासत में हैं। संगठन ने कहा कि इन पर युद्ध अपराध के आरोपों को लेकर कार्रवाई की जाएगी। BLA ने हेरोफ 2 के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों, चेकपोस्ट, पुलिस स्टेशनों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाने और हथियार और उपकरण कब्जे में लेने के दावे भी किए हैं।
बलूचिस्तान में जारी हालिया संघर्ष को लेकर जानकारों का कहना है कि मौजूदा झड़प सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। बड़े और संगठित हमलों से कहीं न कहीं पाकिस्तानी सेना को मनोवैज्ञानिक स्तर पर चोट पहुंचा है। वहीं, वैश्विक स्तर पर भी इन हमलों की चर्चा हुई है। बलूचिस्तान में चीनी निवेश बहुत ज्यादा है, हालिया घटनाक्रम के चलते चीन जैसे विदेशी निवेशकों में डर और अनिश्चितता का माहौल बनता है, जो हालात को और तनावपूर्ण बना देता है। उन्होंने कहा कि लगातार हिंसा और असुरक्षा के कारण विदेशी निवेशक ऐसे इलाकों में निवेश करने से हिचकिचाते हैं, जिन्हें जोखिम भरा माना जाता है।
Published on:
08 Feb 2026 08:19 am
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