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चीन में न्यूड फोटो का काला कारोबार, पुरुष अपनी पत्नियों की तस्वीरें कर रहे पोस्ट, स्कूल भी सेफ नहीं

चीन में न्यूज फोटो का काला कारोबार तेजी से पांव पसार रहा है। महिलाओं की अश्लील तस्वीरें स्कूलों के बाथरूम, कपड़े बदलने के कमरे, अस्पतालों और यहां तक कि घरों के अंदर छिपे कैमरों से रिकॉर्ड किया जाता है। पढ़ें पूरी खबर...

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Crime News

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

चीन में महिलाओं और लड़कियों की चोरी-छिपे ली जा रहीं न्यूड तस्वीरों और वीडियो का एक बड़ा अवैध नेटवर्क सामने आया है। यह कंटेंट सार्वजनिक शौचालयों, स्कूलों के बाथरूम, कपड़े बदलने के कमरे, अस्पतालों और यहां तक कि घरों के अंदर छिपे कैमरों से रिकॉर्ड किया जाता है। बाद में इन्हें टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप पर सीक्रेट ग्रुपों में बेचा जा रहा है। एक-एक ग्रुप के 50 हजार से लेकर एक लाख तक सदस्य हैं, जो विदेश से भी हैं। कई ग्रुपों में तो पुरुष अपनी पत्नियों, गर्लफ्रेंड्स, रिश्तेदारों या जान-पहचान की महिलाओं की निजी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हैं।

नाबालिग लड़कियां भी निशाने पर

कुछ ग्रुप में नाबालिग लड़कियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। एक टेलीग्राम चैनल, जिसके 65 हजार से ज्यादा सदस्य हैं, उसमें लोग प्राथमिक स्कूलों के बाथरूम में छिपे कैमरे लगाने के तरीकों पर चर्चा करते पाए गए। चैट में यह तक बताया गया कि कैसे रात में स्कूल में घुसा जा सकता है।

छिपे कैमरे और ऑनलाइन पेमेंट का जाल

इन वीडियो को छोटे-छोटे छिपे कैमरों या मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया जाता है। कई मामलों में सीसीटीवी सिस्टम हैक कर फुटेज निकाले जाने का भी दावा किया जाता है। टेलीग्राम पर निजी ग्रुपों में एंट्री के लिए 20 डॉलर में वीआइपी मेंबरशिप है। एक ग्रुप फीस लेकर 40 हजार से ज्यादा वीडियो दिखाने का दावा करता है। पेमेंट के लिए चाइनीज ऐप अलीपे और वीचैट पे के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, चीन में हिडन कैमरों का इस्तेमाल और बिक्री गैरकानूनी है, फिर भी ये खुलेआम बिकते हैं।

सरकार की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी

चीनी कानून के तहत किसी की बिना सहमति तस्वीर लेना अपने आप में गंभीर अपराध नहीं माना जाता। अक्सर जुर्माना लगा दिया जाता है। महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार न केवल जांच करने में नाकाम रही है, बल्कि इस विषय पर चर्चा को भी दबा रही है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कीवर्ड ब्लॉक कर दिए गए हैं। चेतावनी देने वाली महिलाओं के अकाउंट सस्पेंड किए गए हैं।

डर और धमकियों के बीच लड़ाई

इस नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही कई महिलाओं को ऑनलाइन धमकियां मिल रही हैं। कुछ को निजी जानकारी लीक करने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद कई महिलाएं और विशेषज्ञ आगे आकर मदद कर रहे हैं। एक महिला कार्यकर्ता ने कहा, 'महिलाओं को यह एहसास हो गया है कि वे न तो सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित हैं, न ही निजी रिश्तों में। अगर हम चुप रहेंगे, तो यह और बढ़ेगा।'